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कांग्रेसियों ने जासूसी मामले में की पूर्व मुख्यमंत्री पर एफआईआर की मांग

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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर जासूसी कराने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने कोतवाली थाने में आवेदन देकर एफआईआर की मांग की। महापौर हेमा देशमुख के नेतृत्व में कांग्रेस के नेताओं और पार्षदों ने पूर्व मुख्यमंत्री पर निजता का उल्लंघन कराए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। महापौर देशमुख ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पेगासस कंपनी के लोग 2017 में आए थे, तब भाजपा की सरकार में रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। पुलिस के साथ उनकी चर्चा हुई थी, इसकी जानकारी एक अखबार के माध्यम से सामने आई।

महापौर ने बताया कि इस आधार पर प्रदेश सरकार के द्वारा नवंबर 2019 में एक समिति गठित की गई थी। समिति ने इस मामले में जांच की समिति ने जांच में पाया कि पेगासस के साथ हुई बैठक की जानकारी से जुड़े दस्तावेज जला दिए गए हैं, जो कि गम्भीर विषय है। महापौर ने रमन सिंह से सवाल करते हुए कहा है कि पेगासस कंपनी के साथ हुई बैठक की जानकारी को लेकर बताएं कि कंपनी के लोगों के साथ उनकी बैठक हुई थी या नहीं?

भाजपा ने कुछ गलत नहीं किया तो उसका विवरण उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। महापौर ने कहा कि पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनेताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों फोन टेपिंग की गई जो कि निजता का उल्लंघन है। इसलिए मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। चेयरमैन विनय झा, सतीश मसीह, मधुकर बंजारी, गणेश पवार, राज तिवारी, राजेश चम्पू गुप्ता, भागचंद साहू, आशिफ अली, आमीन हुड्डा, सिद्धार्थ डोंगरे, पूर्णिमा नागदेवे, अरविंद वर्मा, शरद पटेल, ऋषि शास्त्री, इसाख खान, सौरभ तिवारी मैाजूद थे।

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