Site icon

उन्नत नस्ल की गायों ने बदली सरस्वती पैंकरा की जिंदगी, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

उन्नत नस्ल की गायों ने बदली सरस्वती पैंकरा की जिंदगी, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

उन्नत नस्ल की गायों ने बदली सरस्वती पैंकरा की जिंदगी, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

बिहान योजना और पशुपालन प्रोत्साहन योजना से मिला नया जीवन संबल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम अंबाधार की सरस्वती पैंकरा की सफलता की कहानी में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली सरस्वती पैंकरा बिहान योजना के अंतर्गत संचालित करुणा स्व-सहायता महिला समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और पशुपालन को आजीविका का प्रमुख साधन बनाया।

राज्य शासन की पशुपालन प्रोत्साहन योजना के तहत सरस्वती को दो उन्नत नस्ल की गायें प्रदान की गईं। इन गायों की कुल कीमत लगभग 1.40 लाख रुपये थी, जिसमें से 
93 हजार रुपये की राशि शासन द्वारा अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई गई। इससे उन्हें व्यवसाय शुरू करने में बड़ी आर्थिक सहायता मिली।

वर्तमान में सरस्वती अपनी गायों से प्रतिदिन लगभग 14 से 15 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं। स्थानीय बाजार में दूध विक्रय कर वे प्रतिमाह लगभग 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस अतिरिक्त आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।

सरस्वती पैंकरा का कहना है कि शासन की योजनाओं और स्व-सहायता समूह के सहयोग ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया है। आज वे न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक संबल बनी हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं।

सरस्वती की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराया जाए तो वे आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

Exit mobile version