गौरेला पेंड्रा मरवाही,
बबली यादव मशरूम की खेती की शुरुआत की, जिससे अतिरिक्त आमदनी होने लगी। कृषि आधारित इस कार्य ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इतना ही नहीं, वे पीजी समूह के माध्यम से महुआ खरीदी का कार्य भी कर रही हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आय का अवसर मिल रहा है। बबली का कहना है कि इन सभी गतिविधियों से उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपए तक हो जाती है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास एवं महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिला है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

