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जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

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शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के पंजीयन एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर दिया गया जोर

महासमुंद , प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बागबाहरा स्थित आईसीडीएस परियोजना कार्यालय में किया गया। इस प्रशिक्षण में योजना के सफल संचालन, पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत पंजीयन, लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं मैदानी अमले की क्षमता वृद्धि पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों से आए बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), सेक्टर पर्यवेक्षक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने सहभागिता की। इस दौरान योजना के तकनीकी, प्रशासनिक एवं व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंच सके। प्रशिक्षण में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास टिकवेंद्र जटवार ने जरूरी मार्गदर्शन दिया तथा प्रशिक्षण आई.पी.ई. ग्लोबल के सहयोग से आयोजित की गई।


राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रतिभागियों को योजना के प्रावधानों, पात्रता शर्तों, नवीन दिशा-निर्देशों तथा पोर्टल संचालन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान अभिनव पाण्डेय डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, सेक्टर पर्यवेक्षक शीला प्रधान एवं उमा पटेल तथा ऑपरेटर सोनालिका द्वारा प्रतिभागियों को योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में हितग्राही पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी, आवेदन सत्यापन, ऑनलाइन एंट्री, भुगतान प्रक्रिया एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि डाटा एंट्री में सटीकता और समयबद्धता बनाए रखना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक है।


इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी टिकवेंद्र जटवार ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने वाली जनकल्याणकारी योजना है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को समय पर पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिलना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को निर्देशित किया कि जिले में कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे तथा शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों एवं ऑपरेटरों को हितग्राहियों से सतत संपर्क कर उन्हें योजना की जानकारी देने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा की गई तथा समाधान आधारित कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया गया।

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