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राजनांदगांव : नालंदा परिसर निर्माण समय पर गुणवत्ता के साथ पूरा करें…

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राजनांदगांव , नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता ने शुक्रवार को राजनांदगांव शहर का दौरा कर विभिन्न प्रमुख विकास कार्यों और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का धरातल पर जायजा लिया। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान उनके साथ राजनांदगांव के महापौर मधुसूदन यादव और कलेक्टर जितेन्द्र यादव भी मौजूद रहे। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

सचिव ने सबसे पहले राज्य शासन की फ्लैगशिप योजना के तहत शहर में बन रहे नालंदा परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की कछुआ चाल या गुणवत्ता में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भवन निर्माण पूरी तरह संपन्न होने के करीब 3 से 4 महीने पहले से ही लाइब्रेरी और कैंटीन के सुचारू संचालन की कागजी व व्यावहारिक प्रक्रिया शुरू कर दें, ताकि निर्माण पूरा होते ही युवाओं को इसका लाभ मिलने लगे। इस दौरान उन्होंने परिसर को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से पौधरोपण भी किया।

कचरा फेंका तो की जाएगी कार्रवाई शहर के ऐतिहासिक और प्रमुख जलाशय रानीसागर के निरीक्षण के दौरान सचिव ने इसके सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने रानीसागर के तट पर और आसपास दुकान संचालित करने वाले दुकानदारों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि वे परिसर में पूरी स्वच्छता बनाए रखें। तालाब के पानी या उसके आसपास कचरा फेंकने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और कचरा प्रबंधन के लिए तत्काल मुकम्मल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बिजली उत्पादन की भी जानकारी ली दौरे के अगले चरण में सचिव संगीता ने मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत सेप्टेज मैनेजमेंट योजना के तहत मोहारा-सिंगदई में स्थित एमएलडी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का अवलोकन किया और उसकी संचालन व्यवस्था को परखा। इसके बाद उन्होंने तुमड़ीबोड़ ढाबा के समीप स्थापित 120 मेगावाट क्षमता वाले विशाल सोलर पावर प्लांट का भी दौरा किया और वहां बिजली उत्पादन व परियोजना की तकनीकी बारीकियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी ली।

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