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राजनांदगांव : नाले पर अतिक्रमण, बारिश में डूबने की कगार पर है कॉलोनी…

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राजनांदगांव , मानसून की आहट के साथ ही शहर के कई इलाकों में जलजमाव का खतरा मंडराने लगा है। ग्राम पंचायत पनेका के समता कॉलोनी के निवासियों ने शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे और नाले की बदहाली को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पत्रकार कॉलोनी से लगी हुई इस कॉलोनी के करीब 25 परिवारों ने सीधे कलेक्टर के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाले का सुदृढ़ीकरण, अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो इस साल भी बरसात में कॉलोनी डूब जाएगी।

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में समता कॉलोनी के नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस क्षेत्र में प्लॉट बिक्री करने के बाद शेष बची शासकीय जमीन का संबंधित पक्षों द्वारा आज पर्यंत तक भू-त्याजन नहीं कराया गया है। उल्टे बची हुई सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से अवैध कब्जा और अतिक्रमण किया जा रहा है। इस वजह से पूरी कॉलोनी के निवासियों का जीना दूभर हो गया है और उन्हें रोजमर्रा की आवाजाही में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

कॉलोनीवासियों ने बताया कि समता कॉलोनी से लगा हुआ एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा नाला गुजरता है। इस नाले में रेवाडीह, पेन्ड्री, गोकुलनगर और फरहद जैसे बड़े इलाकों से गंदा पानी हमेशा बहकर आता है। लेकिन किसी रसूखदार द्वारा इस नाले की जमीन पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह अवरुद्ध (जाम) हो गया है। नागरिकों का कहना है कि बरसात के समय इस नाले में पानी का बहाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। नाला जाम होने के कारण गंदा पानी बैक मारता है और कॉलोनी के घरों के अंदर तक घुस जाता है। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र का कूड़ा-कचरा इसी नाले में फेंका जा रहा है, जिससे पानी सड़ रहा है। कॉलोनी के सतीश चौरे, गजेंद्र कुमार भारद्वाज, खेमलाल देवांगन, लिमेश्वरी, तुलेश्वरी साहू, कैलाश मंडावी ने राहत देने की मांग की है।

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