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राजनांदगांव : ये हैं खतरों की पाठशाला : जिले के 107 स्कूल भवन डेंजर घोषित, 531 को मरम्मत की जरूरत…

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राजनांदगांव , जिले के 107 स्कूल भवन को डेंजर घोषित किए गए है। इसे डिस्मेंटल करने कहा गया लेकिन डिस्मेंटल की कार्रवाई प्रक्रिया में है। वहीं 531 स्कूलों को मरम्मत की जरूरत है। 122 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष और भवन निर्माण करने डीपीआई को इसका प्रस्ताव भेजा गया जो फाइलों में अटक गया। करीब 182 स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण की स्वीकृति पंचायत विभाग से जारी नहीं की गई। यहीं स्थिति रही तो गांव के अन्य वैकल्पिक भवनों में क्लास लगानी पड़ेगी।

ग्रीष्म अवकाश खत्म होने जा रहा है। नया शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू होगा, बच्चों को कहीं जर्जर कमरों, दीवारों, टपकती छत के बीच पढ़ने मजबूर होना पड़ेगा। डिस्मेंटल की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है जिसके चलते विगत सत्र में वैकल्पिक भवनों में कक्षाएं लगानी पड़ी। सत्र 2025-26 में शासन द्वारा भवन की जरूरत अनुसार 12 स्कूलों में नए भवन निर्माण करने 249.60 लाख की स्वीकृति मिली थी। यह कार्य भी प्रक्रियाधीन है। 122 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, भवन निर्माण करने 2349.11 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है।

कई मामलों में स्वीकृति नहीं मिली जिले के सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। यह भवन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहें है। कई प्रस्ताव फाइलों में अटके हुए है। शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों की सूची उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन कई मामलों में स्वीकृति और फंड का इंतजार है। 182 स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण का प्रस्ताव प्रक्रिया में है।

इन स्कूलों की हालत बेहद खराब डोंगरगांव के कुतुलबोड भाटागांव का 46 की दर्ज संख्या वाला हाई स्कूल जो कि भवन विहीन है। मालाडबरी, भैंसातरा, धनगांव, रीवागहन, मोखला, बैगाटोला, परमालकसा, बुंदेलीकला, आलीखुंटा, सुरगी, मोहबा सहित, छुरिया, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ में 107 स्कूल डिस्मेंटल योग्य है। पड़ताल में पता चला कि डोंगरगांव ब्लॉक में बम्हनी भांठा, भांठागांव, सकरी पार स्कूल भवन बदहाल है।

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