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राजनांदगांव : 5 साल के भीतर करंट की चपेट में आए 177 लोग और 301 मवेशी …

CG: Another murder incident in Mandir

राजनांदगांव l पांच सालों के भीतर चारों जिलों में कुल 478 विद्युत हादसे हो चुके हैं। इसकी चपेट में 177 लोग और 301 मवेशी आ चुके हैं। हादसों में बिजली कंपनी के कर्मचारी, ठेका श्रमिक, आम लोग और मवेशी शामिल है। इसमें कई लोगों की मौत हो गई तो कई अपाहिज हो गए। अधिकांश हादसे बारिश के दिनों में हुए है। सभी हादसों में सड़क और सार्वजनिक स्थानों में साथ ही घरों में हुए हादसे शामिल है। इस कारण बिजली कंपनी ने बारिश के दिनों में ट्रांसफार्मर, बिजली के पोल से पर्याप्त दूरी बनाए रखने, सावधानी बरतने एडवाईजरी जारी की है।

साल 2021-22 में 55 हादसों में 26 लोग और 29 पशु, 22-23 में 85 हादसे में 40 लोग, 45 पशु, 23-24 में 88 हादसों में 38 लोग और 50 पशु, 24-25 में 124 हादसों में 37 लोग, 87 पशु, 25-26 में 127 हादसों में 37 लोग, 90 पशु, इस तरह चारों जिले में पांच सालों में करीब 478 हादसों में 177 लोग, 301 पशु चपेट में आ चुके है। इन हादसों में कहीं बिजली कंपनी की तो कहीं लोगों की लापरवाही कारण रही है।

टूटे तारों और पोल के पास नहीं रहने की अपील की गई मुख्य अभियंता हर्ष कुमार मेश्राम ने कहा बिजली कंपनी ने बारिश के दिनों में विद्युत हादसों से बचने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। नमी के कारण करंट का खतरा बढ़ जाता है। बिजली के पोल, एचटी-एलटी लाइन, ट्रांसफार्मरों घरों की वायरिंग में नमी के कारण करंट लीकेज की संभावना बढ़ जाती है। टूटे तारों और पोल के पास नहीं रहने इसकी सूचना कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912, मोर बिजली एप या नजदीकी वितरण केंद्र, जोन कार्यालय में देने अपील की है। तार गिरने पर गीले हाथों से स्विच, प्लग न छूने, रबर,प्लास्टिक के जूते पहनना जरुरी है।

जानिए, बचाव व सावधानी के लिए क्या करें, क्या नहीं कोई करंट की चपेट में आए तो स्विच बंद न कर पाने पर सूखी लकड़ी, रस्सी या कपड़े से व्यक्ति को अलग करें। नंगे हाथ न छुएं, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सुखी जगह पर लिटाएं, प्राथमिक उपचार दें और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं। राजनांदगांव क्षेत्र के आंधी-तूफान और बारिश में बिजली कर्मियों के लिए फीडर में फाल्ट ढूंढना आसान नहीं होता। अंधेरे और बारिश में हमारे कर्मचारी लाइन सुधार में जुटे रहते है। बिजली गुल होने पर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। सतर्कता जरूरी है। छेड़छाड़ से बड़ा हादसा हो सकता है।

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