Site icon

CG : बिलासपुर में हाईटेंशन तार की चपेट में आए 5 मजदूर, मचा हड़कंप …

CG : बिलासपुर में हाईटेंशन तार की चपेट में आए 5 मजदूर, मचा हड़कंप …

CG : बिलासपुर में हाईटेंशन तार की चपेट में आए 5 मजदूर, मचा हड़कंप …

बिलासपुर। शहर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लोहे का पोल खड़ा करते समय वह ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे एक महिला समेत पांच मजदूर करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ठेकेदार की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, घटना नगर निगम के वार्ड क्रमांक 11 सिरगिट्टी के आदर्श नगर स्थित पानी टंकी के पास हुई। यहां नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइट लगाने का काम कराया जा रहा था। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे मजदूर लोहे का पोल खड़ा करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही लोहे का पोल बिजली तार से टकराया, पूरे पोल में करंट फैल गया। पोल को पकड़कर काम कर रहे मजदूर अचानक बिजली के तेज झटके की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। हादसे में घायल मजदूरों की पहचान मध्यप्रदेश के मंडला जिले के रहने वाले दीपक यादव (30), मुकेश कुमार (38), सेवाराम (24), प्रहलाद चौरसिया (45) और जयंती धुर्वे के रूप में हुई है। सभी मजदूर ठेकेदार के माध्यम से स्ट्रीट लाइट लगाने के काम में लगे हुए थे।

सुरक्षा उपकरणों की कमी पर उठे सवाल प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि काम के दौरान मजदूरों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और सेफ्टी गियर उपलब्ध नहीं थे। हाईटेंशन लाइन के नीचे काम करते समय जिन सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए था, वह भी नजर नहीं आए। नियमों के अनुसार, हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे किसी भी प्रकार का कार्य करने से पहले बिजली सप्लाई बंद कराना जरूरी होता है। इसके अलावा सुरक्षा बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित सुपरवाइजर की मौजूदगी और मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना भी आवश्यक प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन इस मामले में आरोप लग रहे हैं कि ठेकेदार ने बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के मजदूरों से काम कराया। वहीं, संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

विभागीय लापरवाही की जांच होगी हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर हाईटेंशन लाइन के नीचे काम शुरू करने से पहले जरूरी अनुमति और सुरक्षा प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई। यदि बिजली विभाग से लाइन शटडाउन लिया जाता और सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो शायद यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। इस घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। नगर निगम, बिजली विभाग और ठेकेदार की भूमिका अब जांच के दायरे में है। सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी, ठेकेदार और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग घटना की जांच में जुटे हैं। वहीं, घायलों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। इस हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा और सरकारी कार्यों में तय मानकों के पालन को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

Exit mobile version