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मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बड़े फैसलों की तैयारी, UCC सहित 10 विधेयकों पर होगी चर्चा

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भोपाल 
विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने अग्निशमन और कॉलोनी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। इनके ड्राफ्ट तैयार कर लिए गए हैं। हालांकि किराएदारी विधेयक को फिलहाल विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जबकि इस विधेयक से मकानमालिक और किराएदारों के बीच विवाद रोकने में मदद मिलेगी। केन्द्र द्वारा मॉडल एक्ट बनाकर राज्य को करीब डेढ़ साल पहले भेजा जा चुका है। पिछले साल तक इसे लाने की कवायद भी की गई लेकिन फिलहाल इसे रोक दिया गया है। मानसून सत्र में इसके साथ समान नागरिक संहिता सहित 10 अन्य विधेयक भी पेश किए जाएंगे।

मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय
नगरीय विकास विभाग द्वारा मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकाली सेवाएं विधेयक 2026 और कॉलोनी विकास विधेयक को मानसून सत्र में पेश करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। विभाग के एसीएस संजय दुबे के अनुसार, यह दोनों विधेयक मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। वहीं इस बार मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय के रूप में प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी पेश करने की पूरी तैयारी में है। इसको लेकर गठित समिति ने विधेयक के ड्राफ्ट भी लगभग तैयार कर लिए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी इसकी घोषणा कई कार्यक्रमों में की है।

मानसून सत्र में यह विधेयक भी पेश करने की तैयारी में सरकार
कैबिनेट ने हाल ही में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक का अनुमोदन कर दिया है। इसके साथ यूसीसी विधेयक के ड्राफ्ट को भी तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीएम यूसीसी को जुलाई में लागू करने की घोषणा कर चुके हैं। इसलिए यह विधेयक आना तय हैं। इसके साथ प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट संबंधी विनियोग विधेयक, कोचिंग संस्थान विनियमन, पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज, वाणिज्यिक कर, श्रम और सिंहस्थ मेला संबंधी विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है।

कॉलोनी विकास और फायर एक्ट में यह होंगे प्रावधान

दमकल विभाग की बढ़ेगी पावर

अनुपूरक बजट भी होगा पेश
एमपी विधानसभा मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश किया जा सकता है। इसके लिए सरकारी विभाग नए वाहन खरीदी के लिए प्रस्ताव नहीं दे सकेंगे। नई मदों के प्रस्ताव भी शामिल नहीं किए जाएंगे। इस बारे में वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को निर्देश भी जारी किए जा चुके थे। वहीं विभाग ने सभी विभागों से ऑनलाइन प्रस्ताव भी मांगे हैं, इनमें वे ही प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे, जिनके लिए राज्य की आकस्मिता निधि से अग्रिम स्वीकृत किया गया हो।

पिछले मानसून सत्रों की तरह यह भी छोटा सत्र
बता दें कि विधान सभा का मानसून सत्र पिछले मानसून सत्रों की तरह ही इस बार भी छोटा रखा गया है। हालांकि माना जा रहा था कि यह 7 दिन का होगा। लेकिन 23 जून अधिसूचना जारी कर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि 20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो जाएगा और 5 दिन तक यानी 24 जुलाई को संपन्न होगा।

 

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