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स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सवाल! बिलासपुर में 36 स्कूल बसें फिटनेस जांच में फेल

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बिलासपुर.

स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर बिलासपुर प्रशासन ने स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया. इस दौरान 212 स्कूल बसों की जांच की गई, जिनमें से 36 बसें अनफिट पाई गईं. नियमों के उल्लंघन पर 10 बसों पर कुल 39,900 रुपये का जुर्माना लगाया गया.

जांच में 12 बसों में सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले, जबकि कई बसों में अन्य सुरक्षा मानकों की भी कमी पाई गई. प्रशासन ने सभी संबंधित स्कूलों और संचालकों को 15 जुलाई तक कमियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया है. वहीं, 212 ड्राइवर और कंडक्टरों के स्वास्थ्य परीक्षण में 29 लोग शुगर और 23 लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित पाए गए. एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में स्कूल परिवहन से जुड़े सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। एएसपी रामगोपाल करियारे ने बताया कि जिले में 400 से अधिक स्कूल वाहन संचालित हैं। इन वाहनों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी 18 सूत्रीय दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। सभी स्कूलों को इन मानकों की जानकारी देकर आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिए।

बस पर स्कूल का नाम, फोन नंबर और आगे-पीछे स्कूल बस अंकित होना अनिवार्य है। बसों में मजबूत लाकिंग सिस्टम, खिड़कियों पर ग्रिल, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बाक्स, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस, पैनिक बटन तथा आपातकालीन निकास जैसी सुविधाएं होना जरूरी है। इसके साथ ही बस चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम पांच साल का अनुभव, स्वच्छ यातायात रिकार्ड और पुलिस सत्यापन होना चाहिए। प्रत्येक बस में प्रशिक्षित परिचालक अथवा महिला परिचारिका की नियुक्ति भी अनिवार्य बताई गई है। स्कूल बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी रोक लगाई गई है। यातायात पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से सभी वाहनों की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज समय पर अद्यतन रखने, चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा खुले या असुरक्षित वाहनों से बच्चों का परिवहन नहीं कराने की अपील की है। अभिभावकों से भी नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

स्कूल बसों में सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं –

बच्चों की सुरक्षा में अभिभावकों की भी अहम भूमिका –
एएसपी रामगोपाल करियारे ने कहा कि अभिभावक नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। यदि स्कूल बस चालक तेज गति, लापरवाही या यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी शिकायत तुरंत स्कूल प्रबंधन से करें। बस पर शिकायत के लिए मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। शराब या नशे के आदी व्यक्तियों को स्कूल वाहन चलाने की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। पुलिस ने कहा है कि स्कूल, वाहन संचालक, अभिभावक और आम नागरिक सभी मिलकर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करेंगे, तभी बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी।

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