मुंगेली। बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। खेत-खलिहानों, झाड़ियों, नमी वाले स्थानों तथा घरों के आसपास सांप निकलने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने और सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्पदंश के बाद घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें और अनावश्यक चलने-फिरने न दें। काटे गए अंग को स्थिर रखें तथा पीड़ित को यथाशीघ्र चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं। झाड़-फूंक, घरेलू उपचार अथवा तंत्र-मंत्र के चक्कर में समय बर्बाद करना जानलेवा साबित हो सकता है।
सर्पदंश वाले स्थान को काटने, चूसने, जलाने या चीरा लगाने का प्रयास न करें। रस्सी अथवा कपड़े से अंग को अत्यधिक कसकर न बांधें और पीड़ित को शराब या अन्य नशीला पदार्थ न दें। सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास भी न करें। संभव हो तो सुरक्षित दूरी से सांप की पहचान संबंधी जानकारी चिकित्सक को दें। रात्रि के समय बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें। खेतों और झाड़ियों में काम करते समय जूते एवं सुरक्षित कपड़े पहनें। घर के आसपास घास, कचरा और झाड़ियां जमा न होने दें। जमीन पर सोने से बचें तथा जूते-कपड़े पहनने से पहले अच्छी तरह जांच लें। सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से दूर रहें और पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं। समय पर उपचार मिलने से बहुमूल्य जीवन बचाया जा सकता है।

