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राजनांदगांव : साहित्यकारों ने पारंपरिक लोक गीतों में फुहड़ता के समावेश पर चिंता व्यक्त की…

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अंबागढ़ चौकी , प्रदेश के साहित्यकार वनांचल साहित्य सृजन समिति मोहला के द्वारा वरिष्ठ गजलकार दिनेश खण्डेलवाल के संयोजन से 18 जुलाई को अंबागढ़ चौकी में प्रदेश के साहित्यकारों का जमावड़ा रहा।

आयोजन दो सत्रों में हुआ प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक गीत विषय पर साहित्यकार डॉ.अशोक आकाश व सुरगी के कवि लखन लाल साहू लहर ने पारंपरिक लोक गीतों पर फुहड़ता के समादेश पर चिंता व्यक्त की। विलुप्त हो रहे बांस गीत जैसे विधा को सहेजने की बात की। इसके बाद पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दूसरे सत्र में साहित्यकारों ने सरस काव्य पाठ किया।

पावस ऋतु में कवियों के रचनाओं से पूरा सदन ठहाकों से गूंजता रहा। चूंकि आयोजन एक पारिवारिक वातावरण में रखा गया था इसी तारतम्य में साहित्यकार अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा अकाट्य के जन्म दिवस को यादगार बन गया। कार्यक्रम में शिवनाथ साहित्य धारा डोंगरगांव, छत्तीसगढ़ साहित्य समिति राजनांदगांव, मधुर साहित्य समिति बालोद, पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, साकेत साहित्य परिषद सुरगी, लखनलाल कलामे लहरिया, जितेन्द्र पटेल विद्रोही, महेन्द्र बघेल आदि मौजूद थे।

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