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जल जीवन मिशन के तहत पेयजल गुणवत्ता की हुई सघन जांच, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का पानी सुरक्षित पाया गया

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एफटीके के माध्यम से 10 मानकों पर हुई जांच, आंगनबाड़ी एवं विद्यालयों के पेयजल की गुणवत्ता भी परखी गई

एमसीबी/ जिले के प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पंचायत लाई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पेयजल की गुणवत्ता का फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से परीक्षण किया गया।


परीक्षण के दौरान आयरन, फ्लोराइड, टर्बिडिटी, क्लोरीन, फ्री क्लोरीन, पीएच सहित 10 विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर जल की जांच की गई। जांच में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की पुष्टि हुई, जिससे क्षेत्रवासियों को गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग की प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट हुई।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जिले के विभिन्न ग्रामों में आपूर्ति किए जा रहे पेयजल का भी एफटीके के माध्यम से परीक्षण किया। साथ ही जल बहनी द्वारा ग्राम लाई, चुईटीमार एवं चैनपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों तथा विद्यालयों में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता की भी जांच की गई, ताकि बच्चों एवं ग्रामीणों को हर समय स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।


लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में नियमित रूप से पेयजल गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है। जल स्रोतों की समय-समय पर जांच कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक घर तक गुणवत्तायुक्त एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचे तथा जल जनित बीमारियों की प्रभावी रोकथाम हो सके।

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