राजनांदगांव , पूर्व सांसद व महापौर मधुसूदन यादव ने कांग्रेस द्वारा आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव को निष्पक्ष, पारदर्शी व विधिसम्मत जांच करने विषयक पत्र लिखा है। महापौर ने अपने पत्र में लिखा है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा इस घटना को पुतला चोरी का नाम देकर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, जबकि कानून किसी दल या व्यक्ति विशेष के दबाव से नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर चलता है।
महापौर ने इस विषय पर ध्यानाकर्षित करते हुए पूछा कि जिस पुतले को चोरी होना बताया जा रहा है, उसके जांच से पहले पुतले के वास्तविक स्वामित्व, आधिपत्य व संपत्ति के मूल्यांकन के दस्तावेजी प्रमाणित साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं कि नहीं ? क्या इस मामले में चोरी के आवश्यक कानूनी तत्व प्रथम दृष्टया मौजूद भी हैं या नहीं? केवल राजनीतिक आरोप लगा देने से कोई अपराध सिद्ध नहीं हो जाता। इसलिए पुलिस किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले दोनों पक्षों की बात सुने, उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान व अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करें।
महापौर ने पुलिस अधीक्षक के प्रेषित अपने पत्र में यह भी लिखा है कि घटना के दौरान कांग्रेस की पूर्व विधायक के द्वारा प्रदर्शन के दौरान जिस प्रकार की अमर्यादित व आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शुचिता के आचरण एवं आदर्शों के विपरीत है।
यदि इस परिप्रेक्ष्य में वीडियो एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो उस पहलू की भी समान रूप से जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। कानून सबके लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

