दुर्ग । जिले में मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने गए 10वीं के छात्र से अश्लील हरकत हुई है। बोरसी स्थित एडॉप्शन सेंटर के डॉक्टर सुधीर हिसीकर (61) ने जांच के दौरान लड़के के प्राइवेट पार्ट को टच किया और उसे गले लगाया। इस आरोप के बाद पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। आरोप डॉक्टर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। वह सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर का संचालक भी है। घटना भी इसी सेंटर की है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग को सेंटर की जांच करने और उसका पंजीयन रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इस सेंटर से विदेश समेत कई राज्यों में 12 बच्चों को गोद दिया जा चुका है। आरोपी डॉक्टर सुधीर मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है।
उसने आयुर्वेद चिकित्सा की डिग्री (बीएएमएस) प्राप्त की है। उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं और ग्राम अंडा में संविदा पर पदस्थ हैं। इसके साथ ही पति-पत्नी सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर का भी संचालन करते हैं। पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार (24 जुलाई) दोपहर की है। 10वीं कक्षा का एक छात्र अपने दोस्त का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए बोरसी स्थित एडॉप्शन सेंटर पहुंचा था। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर सुधीर हिसीकर ने उसके साथ अश्लील हरकत की। छात्र किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंचा और परिवार वालों को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन छात्र को लेकर पद्मनाभपुर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी डॉक्टर से पूछताछ की। इसके बाद शनिवार (25 जुलाई) को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

