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CG : डीएमएफटी कोरबा के सहयोग से जिले में 22 नवीन उप- स्वास्थ्य केंद्र भवनों का होगा निर्माण …

CG: Another murder incident in Mandir

कोरबा । जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) कोरबा द्वारा जिले के ग्रामीण एवं खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 22 नवीन उप-स्वास्थय केंद्र भवनों का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक भवन के निर्माण पर लगभग 39.95 लाख रूपये की लागत व्यय की जाएगी।

इन उप-स्वास्थय केंद्रों के निर्माण के लिए स्वास्थय विभाग द्वारा स्थानीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं, सेवा अंतराल तथा क्षेत्रीय जरूरतों का विस्तृत आकलन कर स्थानों का चयन किया गया है। भवन निर्माण का कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) को सौंपा गया है, जो निर्धारित गुणवत्ता मानकों एवं समय-सीमा के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित करेगी।

निर्मित किए जाने वाले सभी उप- स्वास्थ्य केंद्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में चौबीसों घंटे स्वास्थय सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही प्रत्येक केंद्र में दो स्वास्थयकर्मियों के आवास की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे स्वास्थय सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में भी ग्रामीणों को समय पर उपचार मिल सकेगा।

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थय सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को अपने क्षेत्र के समीप बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्वास्थयकर्मियों की नियमित उपलब्धता से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच, प्राथमिक उपचार तथा अन्य आवश्यक स्वास्थय सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) कोरबा द्वारा खनिज प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के उद्देश्य से स्वास्थय, शिक्षा, पेयजल, अधोसंरचना तथा आजीविका जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 22 नवीन उप-स्वास्थय केंद्रों का निर्माण ग्रामीण स्वास्थय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

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