राजनांदगांव , लॉन्ग एशिया ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी ने जिन देशों की करेंसी में निवेश का झांसा दिया हैं। उन्हीं देशों में लॉन्ग एशिया कंपनी को अमान्य कर दिया गया हैं। कंपनी के पंजीयन रद्द किए गए हैं। वहीं इन देशों ने चेतावनी भी जारी है।
दरअसल लॉन्ग एशिया कंपनी फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफार्म हैं। जिसने विदेशी करेंसी और प्रोजेक्ट में निवेश का झांसा दिया। 10 राज्यों के 1 लाख से अधिक निवेशकों से करोड़ों रुपए की राशि जमा कराई। कंपनी ने दावा किया था कि यह राशि न्यूजीलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में निवेश हो रहे हैं।
लेकिन अब तक सामने आई जानकारी में साफ हुआ है कि इन्हीं देशों मे लॉन्ग एशिया को अमान्य कर दिया गया है। न्यूजीलैंड में साल 2025 में ही कंपनी के पंजीयन संबंधी दावे को गलत बताया। इंडोनेशिया में इस कंपनी को कोई अधिकृत रजिस्ट्रेशन या डाटा नहीं हैं। इसी तरह मलेशिया ने भी लॉन्ग एशिया को अमान्य बताया हैं।
कैश लेकर डॉलर में कन्वर्ट कर निवेश का झांसा: निवेशकों से बातचीत में सामने आया कि कंपनी से जुड़े एजेंट उन्हें कैश में रुपए मांगते थे। इसकी वजह लॉन्ग एशिया में केवल डॉलर के वैल्यू पर निवेश होना बताते थे। कम से कम 500 डॉलर की कीमत का कैश निवेशकों को लिया जाता था। जिसे कन्वर्ट कर डॉलर करेंसी में निवेश करने का झांसा दिया गया। इससे 10 राज्यों में 1 लाख से अधिक निवेशकों ने करोड़ों रुपए निवेश किए हैं।

