अम्बिकापुर । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में स्टॉप डायरिया पखवाड़ा 01 जुलाई से 31 अगस्त 2026 के अंतर्गत विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवा गतिविधियों का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पाँच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली बीमारी एवं मृत्यु दर में कमी लाना, समय पर उपचार सुनिश्चित करना तथा समुदाय में स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
अभियान के दौरान जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा कार्यकर्ताओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क कर आमजन, विशेषकर पाँच वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को डायरिया की रोकथाम एवं उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को बताया गया कि डायरिया होने पर शरीर में पानी एवं लवणों की कमी तेजी से होने लगती है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस घोल पिलाना, चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार जिंक की गोली का सेवन कराना तथा आवश्यकता पड़ने पर निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में तत्काल उपचार कराना अत्यंत आवश्यक है। अभियान के अंतर्गत पात्र परिवारों को निःशुल्क ओआरएस पैकेट एवं जिंक की गोलियों का वितरण किया गया। साथ ही ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया, जिससे प्रत्येक परिवार आवश्यकता पड़ने पर इसका सही उपयोग कर सके।
जन जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को साबुन एवं स्वच्छ पानी से नियमित रूप से हाथ धोने, भोजन को ढक कर रखने, ताजा एवं स्वच्छ भोजन का सेवन करने, खुले में शौच न करने, शौचालय का नियमित उपयोग करने, पेयजल को उबालकर अथवा शुद्ध करके पीने तथा घर एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त बच्चों को केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार पर निर्भर न रहकर तत्काल स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं ग्राम सभाओं के माध्यम से भी जनसामान्य को डायरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पी एस मार्को बताया कि स्टॉप डायरिया पखवाड़ा का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार को डायरिया की रोकथाम एवं समय पर उपचार के प्रति जागरूक बनाना है। डायरिया से होने वाली अधिकांश जटिलताओं को समय पर ओआरएस, जिंक तथा उचित चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस एवं जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्राम स्तर तक पहुँचकर जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रही हैं। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने तथा बच्चों में डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने अपील किया है।
जिला नोडल अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक परिवार तक सही स्वास्थ्य संदेश पहुंचाकर डायरिया से होने वाली रोकथाम योग्य मृत्यु को शून्य के निकट लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि स्टॉप डायरिया पखवाड़ा केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि समुदाय आधारित जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक डायरिया की रोकथाम एवं समय पर उपचार का संदेश पहुँचाना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि स्टॉप डायरिया पखवाड़ा के दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस एवं जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर जन जागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रही हैं तथा प्रत्येक पात्र परिवार तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं परामर्श पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है।

