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राजनांदगांव : ये है हादसों का हाईवे ! पेंदुर से कोहका तक सड़क छलनी, गड्ढों और दरारों के बीच सफर…

राजनांदगांव : ये है हादसों का हाईवे ! पेंदुर से कोहका तक सड़क छलनी, गड्ढों और दरारों के बीच सफर…

राजनांदगांव : ये है हादसों का हाईवे ! पेंदुर से कोहका तक सड़क छलनी, गड्ढों और दरारों के बीच सफर…

अंबागढ़ चौकी , नेशनल हाईवे-930 की बदहाल हालत अब क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। पेंदुर से लेकर कोहका तक सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढे, दरारें और टूटे हिस्सों के बीच राहगीर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क निर्माण में बरती गई लापरवाही और प्रशासन की सुस्त कार्यशैली का खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। कई स्थानों पर डामर के ऊपर से ही पानी बह रहा है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से डामर तेजी से उखड़ रहा है और सड़क समय से पहले ही जर्जर हो गई है। हालत यह है कि कुछ हिस्सों में सड़क पर इतनी गहरी दरारें पड़ चुकी हैं कि हर पल हादसे का खतरा बना हुआ है। लगातार हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन का ध्यान नहीं है।

थमने का नाम ही नहीं ले रहीं दुर्घटनाएं कहडबरी चौराहे के पास आज तक डामर नहीं बिछाया गया है। अधूरे निर्माण के कारण यहां लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो ठेकेदार ने काम पूरा किया और न ही प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई की। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी लोगों के गुस्से को और बढ़ा रही है। इसी का खामियाजा है कि दो दिन पहले ही लकड़ी से भरी गाड़ी अप्रोच रोड से सीधे खेत में जा गिरी।

17.45 लाख रुपए का मुआवजा आज तक नहीं सड़क निर्माण के दौरान नेशनल हाईवे से लगी शासकीय भूमि पर स्थित बस स्टैंड, आंगनबाड़ी केंद्र, पुराना पंचायत भवन और शासकीय प्राथमिक शाला भवन की भूमि अर्जित की गई थी। इसके एवज में स्वीकृत 17 लाख 45 हजार 48 रुपए की भू-अर्जन राशि आज तक संबंधितों को नहीं मिल सकी है। वर्षों से भुगतान लंबित रहने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता है, लेकिन भुगतान और समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही। वहीं सड़क किनारे दो बोरिंग को भी अधिकृत किया गया था परन्तु आज पर्यन्त तक बोरिंग खनन का कार्य भी ठेकेदार के द्वारा नहीं कराया गया है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने और लंबित भू-अर्जन राशि का भुगतान नहीं किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासन की निष्क्रियता ने नेशनल हाईवे-930 को विकास की पहचान नहीं, बल्कि बदहाली और भ्रष्ट व्यवस्था का प्रतीक बना दिया है।

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