नारायणपुर, नारायणपुर जिले में आयुष विभाग द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा के माध्यम से अनेक मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिल रही है। यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा औषधीय उपचार, पंचकर्म एवं शिरोधारा जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का समन्वित उपयोग कर कई मरीजों को सफल उपचार प्रदान किया गया है। इससे न केवल उनकी स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार हुआ, बल्कि वे पुनः सामान्य जीवन जीने में सक्षम हुए हैं।
नारायणपुर निवासी इश्वरी यादव (45 वर्ष) लंबे समय से दोनों घुटनों में दर्द, सूजन तथा उठने-बैठने और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थीं। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) की सलाह दी गई थी। इसके बाद आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक औषधियों के साथ शिरोधारा चिकित्सा दी गई। नियमित उपचार के पश्चात उन्हें पूर्ण राहत मिली और आज वे सामान्य रूप से सभी कार्य करने में सक्षम हैं। वर्तमान में वे नारायणपुर में अपना होटल संचालित कर रही हैं तथा नियमित फॉलोअप के लिए भी आती रहती हैं।
इसी प्रकार प्रमोद पाण्डेय (55 वर्ष) मधुमेह (शुगर) के कारण शरीर में कमजोरी, दर्द, झुनझुनी, पैरों में भारीपन तथा चलने में अत्यधिक परेशानी से पीड़ित थे। उनकी स्थिति ऐसी थी कि वे 100 मीटर तक भी पैदल नहीं चल पाते थे। इसके साथ ही उन्हें तनाव और घबराहट की भी समस्या रहती थी। आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक औषधियों तथा शिरोधारा चिकित्सा से उनका उपचार किया गया। उपचार के पश्चात उनकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ तथा उनकी चलने-फिरने की क्षमता में भी वृद्धि हुई।
अर्पना नाग (35 वर्ष) को गर्भावस्था के दौरान दाहिने पैर में दर्द एवं झुनझुनी की समस्या शुरू हुई, जो अगले 7 से 8 महीनों में काफी बढ़ गई। एलएससीएस (सीजेरियन) प्रसव के बाद भी दर्द बना रहा और उन्हें उठने, बैठने तथा चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई होती थी। आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ पंचकर्म उपचार प्रदान किया गया। उपचार शुरू होने के मात्र एक सप्ताह में उन्हें 50 प्रतिशत से अधिक राहत मिली तथा दो माह तक नियमित चिकित्सा के बाद वे पूर्णतः स्वस्थ हो गईं।
इसी क्रम में कल्पना शर्मा (50 वर्ष) लंबे समय से मेनोरेजिया (अत्यधिक मासिक रक्तस्राव) की समस्या से पीड़ित थीं। उन्हें एक वर्ष से अनियमित रक्तस्राव हो रहा था तथा एक माह से अधिक समय तक लगातार ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में दर्द और अत्यधिक कमजोरी बनी हुई थी। आयुष विभाग के अंतर्गत डॉ. सुधीर कुमार साहू द्वारा यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा से उनका उपचार किया गया। उपचार प्रारंभ होने के दस दिनों के भीतर रक्तस्राव नियंत्रित हो गया तथा पेट दर्द और कमजोरी में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ।
इन सभी सफल उपचारों से यह स्पष्ट होता है कि आयुष विभाग की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ अनेक जटिल एवं दीर्घकालिक रोगों के उपचार में प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। यूनानी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा के समन्वित उपयोग से मरीजों को न केवल रोगों से राहत मिल रही है, बल्कि उनका जीवन भी पुनः सामान्य और स्वस्थ बन रहा है। नारायणपुर में आयुष विभाग लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराकर जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

