राजनांदगांव , घरों में सोलर पैनल यूनिट लगा कर रोशन करने के साथ समूह की महिलाओं ने इससे अर्जित कर आत्म निर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। लोगों को अच्छी और सस्ती सोलर पैनल यूनिट लगाने के साथ बेहतर सर्विस देने की योजना है। महिलाएं स्वयं वेंडर्स की भूमिका में रहेगी। ग्रामीणों को सौर उर्जा की जानकारी देने के साथ बैंक फाइनेंस की प्रक्रिया में मदद कर रही है। ग्रामीणों को दूसरे वेंडर्स के मुकाबले कम कीमत में यूनिट लगाने में मदद मिलेगी और सर्विस महिलाओं की टीम करेगी।
जल संरक्षण करने नीर और नारी जलयात्रा के माध्यम से महिलाओं द्वारा विकसित सामुदायिक मॉडल प्रेरणा का विषय बन चुका है। इसी सफल मॉडल को अपनाते हुए महिलाओं की टीम ग्रामीणों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी दे रही है। अब सस्ती ऊर्जा के लिए सखी सोलर अभियान चलाया जा रहा है। बिरेझर, मगरलोटा, सोमनी सहित अन्य गांवों में सोलर रूफटॉप लगाने, हितग्राहियों को आवेदन कराने, बैंक से लोन दिलाने, सोलर पैनल यूनिट लगाने सहयोग प्रदान कर रही है।
महिलाओं ने ली यूनिट लगाने, सर्विस की ट्रेनिंग अभियान प्रमुख शिव कुमार देवांगन ने बताया कि पहले समूह की महिलाओं ने प्रशासन के माध्यम से सोलर पैनल लगाने जरूरी मशीनरी, उपकरण अन्य सामग्री, यह काम कैसे करता है, इससे कितनी बिजली का उत्पादन होगा, खपत की जानकारी उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगी, आवेदन करने की प्रक्रिया, बैंक से लोन लेने जरूरी दस्तावेज क्या लगेंगे इसका प्रशिक्षण लिया। यूनिट स्थापना के बाद इसकी सफाई, मेंटनेंस का महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
जिले में 4317 घरों में संयत्र लगाए जा चुके हैं बिजली कंपनी से मिली जानकारी अनुसार एक किलोवाट सोलर प्लांट से हर माह लगभग 120 से 150 यूनिट, 2 किलोवाट से 240 से 300 यूनिट, 3 किलोवाट से 360 से 450 यूनिट बिजली बनती है। 1 केवी यूनिट में केन्द्र और राज्य से 45 हजार, 2 केवी में 90 हजार, 3 केवी में 1 लाख 8 हजार सब्सिडी का दी जा रही है। जिले में 8871 आवेदन मिले, 4317 घरों में सोलर संयंत्र लग चुके हैं।

