राजनांदगांव , क्षेत्र में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस ) के तहत चल रहे बिजली अधोसंरचना कार्यों की समीक्षा कर अफसरों ने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। मुख्य अभियंता (परियोजना) एम जामुलकर ने कहा तय समय में गुणवत्ता पूर्ण काम पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित अफसरों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। राजनांदगांव, एमएमसी, केसीजी जिलों में जारी कार्यों की समीक्षा की। अफसरों ने ठेकेदारों, कंपनी के प्रतिनिधियों से फीडर सेग्रीगेशन, फीडर बायफर्केशन और केबलिंग कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते तेजी लाने कहा है।
स्मार्ट मीटरिंग कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (डीटी) मीटरिंग और उपभोक्ता मीटरिंग के लक्ष्य पूरा करने निर्देश दिए गए। जिससे उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग और बेहतर सेवाएं मिलेगी। बिजली कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय में योजना की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य अभियंता (परियोजना) एम जामुलकर, क्षेत्रीय मुख्य अभियंता एचके मेश्राम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता बीके कुमरे, अतिरिक्त मुख्य अभियंता मंगल तिर्की और अधीक्षण अभियंता शंकेश्वर कंवर सहित 3 जिलों के अफसर मौजूद रहे।
गुणवत्ता से समझौता या लापरवाही स्वीकार नहीं मुख्य अभियंता एम. जामुलकर ने कहा सभी कार्य तय समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। गुणवत्ता से समझौता या लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और इसके लिए संबंधित अफसर और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय मुख्य अभियंता एचके मेश्राम ने तीनों जिलों में प्रस्तावित नए 33/11 केवी सब स्टेशनों के निर्माण जल्द शुरू कराने निर्देश दिए। भूमि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने कहा गया। साथ ही प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम-जगवा) के तहत पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से कनेक्शन देँ।

