कलेक्टर ने अधिकारियों को पत्र जारी कर निःशुल्क सेवाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर : फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (पीआरआरसी) एवं सेरेब्रल पॉल्सी गेट लैब माना कैम्प रायपुर एक विशेषीकृत पुनर्वास संस्थान है, जहां विभिन्न प्रकार के दिव्यांगजनों को आधुनिक तकनीकों एवं विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से निःशुल्क पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला मिशन समन्वयक को पत्र जारी कर उक्त संस्था के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क कृत्रिम अंग, ऑर्थोटिक उपकरण, विशेष सहायक उपकरण का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर क्षीरसागर द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि माना कैम्प रायपुर स्थित पीआरआरसी एवं सेरिब्रल पॉल्सी गेट लैब में स्थापित अत्याधुनिक फिजियोथैरेपी एवं गेट एनालिसिस मशीनों के माध्यम से विशेषज्ञ फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से फिजियोथैरेपी, गेट टेªनिंग, बैलेंस ट्रेनिंग, मसल रिएजुकेशन तथा पुनर्वास सेवाएं वर्तमान में प्रदान की जा रही है। इन सुविधाओं से विशेष रूप से सेरेब्रल पॉल्सी, स्ट्रोक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, न्यूरोलॉजिकल एवं अस्थि संबंधी दिव्यांगजनों को अत्याधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। यह भी बताया गया कि संस्थान द्वारा उक्त सेवाएं निःशुल्क प्रदाय की जा रही हैं। कलेक्टर ने पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है कि विशेष रूप से स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रहे अथवा ऐसे बच्चे जो उक्त समस्या के चलते शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हों, का चिन्हांकन करें तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, विशेष विद्यालयों तथा समावेशी शिक्षा से जुड़ी संस्थाओं तक इन निःशुल्क पुनर्वास सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे पात्र दिव्यांगजनों को इसका लाभ मिल सके।

