राजनांदगांव , श्रम न्यायालय राजनांदगांव ने फैक्ट्री अधिनियम, 1948 के उल्लंघन के एक मामले में गुड़ फैक्ट्री संचालक को 18 माह के कारावास और 3.15 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2023 में गुड़ फैक्ट्री में काम के दौरान 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर की मौत से जुड़ा है।
कारखाना निरीक्षक दीपेश मेश्राम, सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, राजनांदगांव की ओर से मेसर्स जय ठाकुर देव गुड़ उद्योग के संचालक निरंजन कुमार चंद्रवंशी के खिलाफ श्रम न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। आरोप था कि फैक्ट्री में 18 वर्ष से कम आयु के फगन सिंह परते को नियोजित किया गया था, जिसकी कार्य के दौरान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (श्रम न्यायालय) अमित जिंदल ने 4 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। न्यायालय ने फैक्ट्री अधिनियम, 1948 की धारा 92 के तहत आरोपी को 3 लाख 15 हजार रुपए के अर्थदंड और 18 माह के कारावास की सजा सुनाई।

