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राजनांदगांव : आदिवासी समाज की संस्कृति-परंपरा ही उसकी पहचान है, इसे सहेजकर रखें…

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डोंगरगांव , विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को डोंगरगांव के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। इस दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक एकता और गौरव की झलक देखने को मिली। मुख्य अतिथि आदिवासी समाज की बेटी व जनपद पंचायत डोंगरगांव की अध्यक्ष रंजीता पडोती ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा उसकी पहचान और गौरव है। समाजजनों से अपनी संस्कृति व परंपरा को सहेजते हुए शिक्षा, विकास और सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

समाज के प्रतिभावान युवाओं का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के बाद कृषि उपज मंडी परिसर से आदिवासी रैली निकाली गई। कार्यक्रम में सुदेश टीकम, लेखराम मात्रा, चंद्रशेखर उइके, उदय नेताम, राहुल नेताम, मंडलोई सर, शिवराज पराधी, लीलाधर मंडलोई, मिथलेश नेताम, विवेक मंडावी, अंजना मिंज, मेघनाथ भुआर्य, नूनकरण भुआर्य, समनलाल उइके, दिनेश कुरेटी, हरिला मंडावी, पवन चंद्रवंशी, धनसाय सलामे, नरेंद्र मंडावी, डीएस सलामे, शांता सोरी, जानकी चंद्रवंशी, दीपा उइके, अनसुइया चौरे, सविता उइके मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन लीलार सिंह कोरम ने किया।

नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली: रैली पुराना बस स्टैंड होते हुए रानी दुर्गावती चौक पहुंची, जहां समाजजनों ने वीरांगना रानी दुर्गावती की पूजा-अर्चना की। इसके बाद रैली मोंगरा परिसर स्थित सर्व आदिवासी समाज के देवस्थल पहुंची।

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