मोहला , जिले को कृमि संक्रमण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का आगाज हो गया है। पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय मोहला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ मिथलेश डोंडे ने स्कूली बच्चों को कृमिनाशक दवा (एल्बेंडाजॉल) खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को कृमि संक्रमण के खतरों, इससे बचाव के तरीकों और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 10 अगस्त को जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लक्षित बच्चों को दवा खिलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान के अंतर्गत जिले के लगभग 1 लाख 10 हजार बच्चों को कृमिनाशक दवा का सेवन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यदि कोई बच्चा बीमारी या अनुपस्थिति के कारण 10 अगस्त को दवा लेने से वंचित रह जाता है, तो उसे 17 अगस्त को आयोजित होने वाले मॉप-अप दिवस के दिन दवा खिलाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा छूटे नहीं।
कुपोषण और एनीमिया का बड़ा कारण है कृमि संक्रमण कार्यक्रम में अधिकारियों ने बच्चों को कृमि के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता। इससे बच्चे एनीमिया (खून की कमी) और कुपोषण का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बुरी तरह प्रभावित होता है। नियमित रूप से समय पर कृमिनाशक दवा का सेवन और सफाई अपनाकर इससे आसानी से बचा जा सकता है।
स्वच्छ, सुरक्षित पेयजल का ही सेवन करने कहा केवल दवा ही नहीं, बल्कि संक्रमण रोकने के लिए स्वच्छता के आदतों पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चों के सामने हाथ धोने की सही विधि का प्रैक्टिकल प्रदर्शन किया। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं। हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल का ही सेवन करें। अपने नाखून साफ रखें।

