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राजनांदगांव : तीन मरीजों की हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी, दूसरे दिन ही चलने लग गए…

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राजनांदगांव , मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग की टीम ने तीन मरीजों की सफल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर उन्हें दर्द और चलने-फिरने की परेशानी से राहत दिलाई। सर्जरी के बाद मरीजों की स्थिति सामान्य है और वे दूसरे दिन से ही चलने लगे। विभागाध्यक्ष एवं सह-प्राध्यापक डॉ. सुभाष रावटे के मार्गदर्शन में सहायक प्राध्यापक डॉ. दिवाकर भुआर्य, सहायक प्राध्यापक डॉ. मानस श्रीवास्तव, सीनियर रेजिडेंट डॉ. अनुराग शर्मा और डॉ. शुभम रोहिल्ला की टीम ने ये ऑपरेशन किए।

मरीज लंबे समय से कूल्हे के जोड़ में असहनीय दर्द और चलने-फिरने में परेशानी से जूझ रहे थे। जांच के बाद हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत सामने आई। विशेषज्ञ टीम ने निर्धारित समय पर ऑपरेशन किए। सर्जरी के बाद फिजियोथैरेपी की मदद से मरीजों को जल्द सामान्य गतिविधियों में लौटने की दिशा में उपचार दिया जा रहा है। अर्जुनी निवासी 60 वर्षीय कृष्णा राम साहू एक साल से दर्द और चलने में परेशानी से पीड़ित थे।

जांच में एवैस्कुलर नैक्रोसिस मिला। उनका हिप रिप्लेसमेंट किया गया। बेलगांव, गोंदिया (महाराष्ट्र) निवासी 25 वर्षीय चंद्र प्रकाश पिछले एक साल से दर्द से परेशान थे। साथ ही उन्हें पैर छोटा-बड़ा होने की शिकायत थी। जांच के बाद हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत बताई गई।

हिप रिप्लेसमेंट पहले से अधिक सुरक्षित डॉ. सुभाष रावटे ने बताया जोड़ क्षतिग्रस्त होने के प्रमुख कारणों में सिकल सेल रोग, ऑस्टियो आर्थ राइटिस तथा लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं या स्टेरॉयड का सेवन जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं। आधुनिक चिकित्सा तकनीक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से हिप रिप्लेसमेंट पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी हुआ है। तीन मरीजों की सफल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी से मरीजों को राहत मिली।

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