राजनांदगांव l शक्कर की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद अब केंद्र सरकार ने जमाखोरी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। केंद्र के आदेश के बाद जिले में कारोबारियों के शक्कर स्टॉक की जांच और निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्टॉक सीमा तय कर 4 हजार क्विंटल से अधिक शक्कर रखने पर रोक लगाई है। तय सीमा से ज्यादा स्टॉक मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।शक्कर की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए नया कानून लागू किया है। राज्य सरकार ने शक्कर के अवैध भंडारण और जमाखोरी पर अंकुश लगाने चीनी मिलों और व्यापारियों की स्टॉक सीमा तय कर दी है। नए प्रावधान अनुसार 4 हजार क्विंटल से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेगा। केंद्र सरकार ने 23 जुलाई को राजपत्र में इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में सभी शक्कर कारखानों के लिए स्टॉक अधिकतम 4 हजार क्विंटल निर्धारित किया गया है। स्टॉक एक माह के भीतर बेचना होगा। केंद्र सरकार का यह आदेश 1 अगस्त से तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
जिला स्तर पर स्टॉक की जांच और निगरानी होगी सरकार ने साफ किया है कि तय सीमा से अधिक शक्कर का भंडारण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर स्टॉक की जांच और निगरानी की व्यवस्था की गई है। अफसरों को बाजार में शक्कर की उपलब्धता, स्टॉक और कीमतों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे मांग एवं आपूर्ति के बीच अंतर को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अचानक मांग बढ़ने और पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से बाजार में कीमतों में तेजी आई है।

