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राजनांदगांव : बिना जाने ही किसी के संबंध में धारणा न बनाएं : मुनि श्रेयांशप्रभ…

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राजनांदगांव , जैन बगीचा उपाश्रय भवन में स्वानुभूति चातुर्मास के लिए विराजमान मुनि श्रेयांशप्रभ सागर जी महाराज ने बुधवार को कहा कि हम बिना जाने, बिना सोचे किसी के बारे में कुछ भी धारणा बना लेते हैं और निर्णय भी ले लेते हैं। इतना ही नहीं हम उसके बारे में मुफ्त में प्रचार भी शुरू कर देते हैं। हम यह भी नहीं सोचते कि हमारा यह प्रचार उसकी जिंदगी बर्बाद भी कर सकता है।

उन्होंने कहा कि हम किसी व्यक्ति को बिना जाने, बिना पहचाने उसकी तस्वीर अपने मन में बना लेते हैं कि अमुक व्यक्ति ऐसा है, अमुक व्यक्ति वैसा है , इतना ही नहीं हम उसे मुफ्त में बांटते फिरते हैं। कहा कि क्या पता आपका यह कार्य किसी के लिए भारी मुसीबत का काम बन जाए और उसे बर्बाद कर दे। कहा कि हम देखते हैं और फैसला ले लेते हैं! कोर्ट में भी काफी सोच समझकर फैसला लिया जाता है जिसके कारण समय लगता है और हम है कि देखते ही फैसला लेते हैं! सिर्फ देखकर ही फैसला ना ले लें। किसी के बारे में अच्छे से जान ले फिर मन में तस्वीर बनाएं किंतु उसका प्रचार प्रसार ना करें।

कहा कि बुराई तो क्या अच्छाई भी ना फैलाएं। खबर फैलने के बाद सामने वाले व्यक्ति में परिवर्तन आने लगता है और इससे कषाय उत्पन्न होता है। कहा कि आपको यदि सामने वाले के बारे में किसी को कुछ कहना ही है तो यह कहे कि जितना मैं जानता हूं, वह ऐसा है।

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