राजनांदगांव , नाबालिग का अपहरण कर उससे गैंगरेप और चार हफ्ते तक देह व्यापार कराने के चर्चित मामले में पांच आरोपियों को कोर्ट ने अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार बारा ने उक्त फैसला सुनाया हैं। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। जो पूरे वारदात की मास्टर माइंड थी।
मामला फरवरी 2024 का है। विशेष लोक अभियोजक प्रिया कांकरिया ने बताया कि छुरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग बैंक का काम बताकर घर से निकली थी। वह अपने दोस्त से मिलने रायपुर चली गई। जहां उसके दोस्त ने बिलासपुर में होने की बात कह दी। इसी दौरान परेशान नाबालिग को बस में साधना वैष्णव उर्फ संध्या वैष्णव मिली। जिसने नाबालिग को अपने साथ घर चलने कहा। दूसरे दिन अपने घर चली जाने की बात कही।
संध्या वैष्णव नाबालिग को लेकर अपने साथी मुस्कान गोस्वामी के घर पहुंची। सुबह नाबालिग ने घर लौटने की बात कही तो दबाव बनाकर उसे घर में रखा। बाहर नहीं निकलने दिया। नाबालिग के पास कोई मोबाइल भी नहीं था। तीन हफ्ते रायपुर में रखने के बाद मुख्य आरोपी संध्या वैष्णव नाबालिग को अपने साथ रायगढ़ ले गई। जहां उसने अपने कथित घर में नाबालिग को रखा। यहां भी उसे डराया धमकाया गया। संध्या ग्राहक बुलाती रही और नाबालिग को उनके साथ भेजते रही।
पैसे दिलाने की बात कह दुष्कर्म आरोपी संध्या वैष्णव और मुस्कान गोस्वामी ने नाबालिग को पैसा दिलाने और इसके एवज में काम करने की बात कही। दो दिन बाद तीन युवकों को ग्राहक के रुप में घर में बुलाया। जो आरोपी चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धृतलहरे थे। तीनों ने नाबालिग से गैंगरेप किया। दोनों महिला अलग-अलग ग्राहकों संग नाबालिग को भेजती थी।

