राजनांदगांव-मोहला , जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की अध्यक्ष और भाजपा नेत्री नम्रता सिंह के अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और शिकायतों पर अब उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के आदेश से स्थिति स्पष्ट हो गई है।
समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, शासकीय अभिलेखों और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के बाद नम्रता सिंह को छत्तीसगढ़ राज्य में गोंड, अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र की पात्रता माना है। उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने 19 अगस्त को मामले में आदेश जारी किया। शिकायत के आधार पर मामले की जांच विजिलेंस सेल को सौंपी गई थी। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच की गई। समिति ने मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों, शासकीय परिपत्रों, अभिलेखों पर भी विचार किया।
समिति के आदेश में वर्ष 1998 के मध्यप्रदेश शासन के परिपत्र तथा वर्ष 2002 के छत्तीसगढ़ शासन के परिपत्र का उल्लेख करते हुए उनके प्रभाव पर विचार किया गया है। बताया गया कि उपलब्ध रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर समिति ने मामले के गुण-दोष का परीक्षण किया। नम्रता सिंह के जाति प्रमाण पत्र को लेकर लंबे समय से सवाल और शिकायतें सामने आती रही थीं।

