भिलाईनगर । नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह ने शहर के विकास को गति देने तथा नागरिकों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, ऑनलाइन शिकायत, दुकानों एवं भवनों का किराया, डॉग हाउस, निर्माण कार्य, लेफ्ट फ्री, हाइजेनिक फूड जोन, मतदान केन्द्र, गौशाला, ईंधन खपत, पम्प संधारण, पाइप लाइन, सिविल कार्य, वाहन संधारण, उद्यान सहित विभिन्न विकास एवं मरम्मत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों को 30 सितम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए उपलब्ध निधि का उपयोग उनकी मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि के लिए किया जाए। विकास शुल्क से होने वाले निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। शहर में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क, नाली एवं सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करें। आयुक्त ने निगम के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होने वाली नागरिक शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण किया जाए। नागरिकों को उनकी शिकायतों के निराकरण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए संबंधित अधिकारी शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए मौके पर जाकर कार्रवाई करें।
बैठक में निगम क्षेत्र की दुकानों एवं भवनों के किराया निर्धारण की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देशित किया कि दुकानों एवं भवनों का नियमानुसार किराया निर्धारित किया जाए, जिससे निगम की आय में वृद्धि हो सके। निगम की आय के स्रोतों को मजबूत करने के लिए राजस्व से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। कुरूद में स्थापित डॉग हाउस की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉग हाउस को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ किया जाए तथा वहां आवश्यक संसाधन, साफ-सफाई और संचालन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगरोत्थान योजना के तहत समग्र शिक्षा एवं स्वामी आत्मानंद स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा की गई। आयुक्त ने कहा कि स्कूलों में ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। आवश्यक सिविल एवं मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए किए जा रहे लेफ्ट फ्री कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि इससे वाहन चालकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में चंद्रा-मौर्या के सामने प्रस्तावित हाइजेनिक फूड जोन के निर्माण एवं आबंटन के संबंध में भी चर्चा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि फूड जोन को सुव्यवस्थित रूप से विकसित कर इसका लाभ लोगों को मिल सके। आयुक्त ने मूलभूत मद से होने वाले पम्प, पाइप लाइन, सिविल कार्य, वाहनों, उद्यानों के संधारण सहित अन्य मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदान केन्द्रों में आवश्यक संधारण कार्य कराने तथा वहां नागरिकों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
गौशाला के संचालन एवं रखरखाव की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। गौशाला में साफ-सफाई, रखरखाव एवं आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। निगम के वाहनों में होने वाली ईंधन खपत की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने वाहनों के उपयोग एवं संचालन की नियमित निगरानी करते हुए ईंधन की खपत कम करने के निर्देश दिए। साथ ही वाहनों के संधारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि वाहन बेहतर स्थिति में रहें और अनावश्यक खर्च को नियंत्रित किया जा सके। बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त नरेंद्र बंजारे, डी के कोसरिया, अधीक्षण अभियंता वेशराम सिन्हा, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कुलदीप गुप्ता, लेखाधिकारी, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, स्वास्थ्य अधिकारी, राजस्व अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

