राजनांदगांव/बांधा बाजार , बांधा बाजार में समारोह कर ग्रामीणों ने एकजुट होकर एक सदी लंबी प्रशासनिक और कानूनी लड़ाई को सफलता तक पहुंचाने वाले वरिष्ठ नागरिक व कांग्रेस नेता रमेश खंडेलवाल को ग्राम के गांधी की उपाधि से सम्मानित किया। ग्रामीणों ने बताया कि बांधा बाजार को नवीन राजस्व ग्राम, पृथक राजस्व नक्शा और ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाना पड़ा था।
तत्कालीन कलेक्टर अशोक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व संभाग कमिश्नर और भू-अभिलेख शाखा के दिशा-निर्देशों के उपरांत इस दिशा में विधिवत कार्रवाई आगे बढ़ी। छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन से पूर्व जिन चुनिंदा लोगों ने निरंतर संघर्ष किया, उनमें रमेश खंडेलवाल की भूमिका मील का पत्थर साबित हुई। उनके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप ही 15 अगस्त 2014 को इस क्षेत्र में प्रथम ग्राम पंचायत का गठन संभव हो सका था। ग्राम पंचायत के सम्मान समारोह दौरान ग्राम पंचायत बांधा बाजार के सरपंच युवराज सिंह नेताम, उपसरपंच उमेद सिंह ध्रुव और सभी वार्ड पंचों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर रमेश खंडेलवाल को ग्राम के गांधी के रूप में सुशोभित करने की घोषणा की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने उन्हें तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ भेंटकर शॉल व श्रीफल से सम्मानित किया।

