राजनांदगांव , श्रावण मास के अंतिम सोमवार को संस्कारधानी में शिवभक्ति के साथ सामाजिक सरोकारों की झलक भी देखने को मिली। भवानी नगर बसंतपुर में वात्सल्य कुटुंब के तहत समाजसेवी महिलाओं ने पार्थिव शिवलिंग का विधिवत पूजन कर जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया। बागेश्वर धाम मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट की कांवड़ यात्रा में शिक्षा-संस्कार जागरण का संदेश दिया गया। यात्रा में अभिलाषा सेवा संस्था के दिव्यांग बच्चे भी शामिल हुए और अन्य बच्चों के साथ शिक्षा संदेश की पट्टिकाएं लेकर चले।
वात्सल्य कुटुंब के आयोजन में जल और दूध से अभिषेक के बाद बेलपत्र, धतूरा, कनेर पुष्प, अक्षत, दूब और श्रीफल अर्पित किए। पंडित मोहन शास्त्री के वैदिक मंत्रोच्चार और महामृत्युंजय मंत्र जाप से वातावरण शिवमय हो गया। शंखध्वनि एवं डमरू निनाद के बीच महिलाओं ने भगवान शिव के भजनों का गान किया। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसादी का वितरण किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी शारदा तिवारी, कस्तूरबा महिला मंडल की अलका जानी, शोभा चोपड़ा, अनिता जैन, विद्या पांडे, सरला पांडे ने पूजन किया।
श्रावण माह में पार्थिव शिव पूजन का महत्व बताया शारदा तिवारी ने पार्थिव शिव पूजन का महत्व बताते कहा कि श्रावण भगवान शिव का प्रिय मास माना जाता है। इस मास में श्रद्धा से की गई शिव आराधना भक्तों के कल्याण की कामना से जुड़ी है। पंडित मोहन शास्त्री ने कहा कि श्रावण में भगवान भोलेनाथ को श्रद्धा से अर्पित किया गया एक लोटा जल भी विशेष महत्व रखता है। चंद्रिका साहू, किरण अग्रवाल, अर्चना दास, प्रियंका सहित महिलाओं ने भगवान शिव के पार्थिव लिंग का पंचोपचार पूजन किया। इस दौरान भगवान भोलेनाथ का जयकारा लगाया गया।
यात्रा में दिव्यांग बच्चों ने दिया शिक्षा का संदेश अंतिम सावन सोमवार पर बागेश्वर धाम मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट की ओर से निकली कांवड़ यात्रा में इस बार शिक्षा जागरण को प्रमुखता दी गई। यात्रा में बच्चों ने उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाली पट्टिकाएं थामीं। भगवान शिव, नंदी और बच्चों को शिक्षा देते हुए शिव स्वरूप की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। अभिलाषा सेवा संस्था के दिव्यांग बच्चे यात्रा में शामिल हुए।

