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मंदिर के भीतर बड़ी सभा या मंडलियों के कार्यक्रम नहीं होंगे, अपनी गाड़ियों में ही लोग रखेंगे चप्पलें, मटकी फोड़ के कार्यक्रम प्रतिबंधित

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30 अगस्त को देश और दुनिया के साथ प्रदेश की राजधानी रायपुर में भी जन्माष्टमी का आयोजन होगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने सख्त गाइड लाइन जारी की है। इस दिन मंदिरों में लोगांे की भीड़ पहुंचती है। इसे देखते हुए कुछ नियम कायदे तैयार किए गए हैं। कलेक्टर की तरफ से जारी इस फरमान का सभी को पालन करना होगा। लोगों के मंदिर में प्रवेश से लेकर, अंदर बैठने, खड़े रहने और जूते-चप्पलों तक की व्यवस्था की बातें गाइडलाइन मंे बता दी गई हैं।

रायपुर के टाटीबंध स्थित मंदिर में तैयारियां।

इन नियमों का करना होगा पालन

गणेश चतुर्थी को लेकर भी जारी हो चुकी है गाइडलाइन
गणेश उत्सव के दौरान 4 फीट से ऊंची मूर्ति, 15 फीट से बड़ा पंडाल बनाने पर रोक है। वहीं, पंडाल में एक बार में 20 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। दर्शन के लिए आया व्यक्ति अगर संक्रमित मिलता है तो उसके इलाज में खर्च की जिम्मेदारी आयोजक की होगी। कंटेनमेंट जोन में प्रतिमा स्थापित करने की मनाही होगी। अगर स्थापना के बाद कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया जाता है तो पूजा तत्काल समाप्त करनी होगी। अगर घर के बाहर मूर्ति स्थापित करनी है तो कम से कम 7 दिन पहले नगर निगम के जोन कार्यालय में लिखित आवेदन कर अनुमति लेनी होगी।

गणेशोत्सव 2021 से जुड़े अहम नियम

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