राजनांदगांव | जैन बगीचा स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय भवन में अपने नियमित चातुर्मासिक प्रवचन में मंगलवार को खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य श्रेयांशप्रभ सागर ने कहा कि आपका एक टोंट किसी का जीवन बदल सकता है। किसी को नीचा दिखाने के लिए टोंट मत मारो। टोंट मारना ही है तो किसी को आगे बढ़ाने के लिए मारो।
टोंट मारना मायने नहीं रखता बल्कि किस बात के लिए, किस चीज के लिए और किन भावों के लिए मारा गया है, यह मायने रखता है। कहा कि टोंट मारते समय हमको लगता है कि हम सही है किंतु हम यह नहीं सोचते कि हमारा एक टोंट किसी का जीवन बदल सकता है। टोंट प्रेम में भी मारा जाता है और क्रोध व द्वेष की वजह से भी।
दूसरे की लाइन मत मिटाओ: हमारी भाषा किसी को बढ़ाने की जगह किसी को नीचा दिखाने की होती है। किसी को आगे बढ़ाना है तो स्वयं को भी आगे बढ़ाओ। यदि हर व्यक्ति हर जीव के प्रति दया का भाव है तो समझो आप परमात्मा के आदेश का पालन कर रहे हैं।

