– राज्य बकरी उद्यमिता योजना का मिला लाभ, पशुपालन को बनाया आजीविका का मजबूत आधार
मोहला । जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां ग्रामीण परिवारों की आजीविका में पशुपालन का महत्वपूर्ण योगदान है। स्थानीय परिस्थितियों, कम लागत और आसानी से उपलब्ध चारे के कारण बकरी पालन ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आय का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में मोहला की हिना परवीन ने राज्य बकरी उद्यमिता योजना का लाभ लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राही हिना परवीन, पति अमजद खान, भोजटोला रोड, मोहला को राज्य बकरी उद्यमिता योजना के अंतर्गत 13 बकरियां एवं 2 बकरे प्रदान किए। योजना के माध्यम से मिले इस पशुधन को हिना ने केवल सहायता के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे स्वरोजगार का आधार बनाते हुए मेहनत और लगन से बकरी पालन को अपनी आजीविका का प्रमुख साधन बना लिया। योजना का लाभ मिलने के बाद बकरियों के पालन-पोषण, प्रजनन और देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया। समय के साथ बकरियों की संख्या में वृद्धि होने लगी और उनके बच्चों की बिक्री से परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगी। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी सहूलियत हुई।
हिना परवीन बकरी पालन से होने वाली आय का उपयोग परिवार की दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा तथा अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। बकरी पालन ने उनके परिवार को नियमित आय का जरिया देने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूत किया है। आज हिना परवीन अपने परिश्रम से न केवल परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। हिना परवीन कहती है सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के बल पर स्वरोजगार स्थापित कर सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य बकरी उद्यमिता योजना ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।

