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ऑड-ईवन फार्मूले से होगी बच्चों की पढ़ाई

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जिले में गुरुवार से स्कूल पूरी तरह अनलॉक हो जाएंगे। शासन के आदेश के बाद अब कक्षा छठवीं, सातवीं, नौवीं और ग्यारहवीं की कक्षाएं भी 2 सितंबर से संचालित होगी। इसके पहले आठवीं, दसवीं और बारहवीं के साथ ज्यादातर हिस्सों में प्राइमरी स्कूल भी खोल दिए गए थे।

शासन से जारी गाइडलाइन में ऑड-ईवन फार्मूले के साथ ही 50 फीसदी उपस्थिति की बात कही है। यानी सोमवार को स्कूल आने वाले बच्चों की मंगलवार को छुट्‌टी रहेगी। सभी कक्षाओं में क्षमता से केवल 50 फीसदी बच्चों को ही बुलाया जाएगा। इसके अलावा सर्दी, खांसी वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। कोरोना गाइडलाइन और मास्क सैनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य होगा। शिक्षक क्लासरूम में सोशल डिस्टेसिंग के पालन का भी ध्यान रखेंगे।

हालांकि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को अनिवार्य नहीं रखा गया है। 2 सितंबर से इन कक्षाओं को खोले जाने के आदेश के बाद स्कूल लगभग पूरी तरह अनलॉक होने जा रहे हैं। जिलेभर के स्कूलों में इसकी तैयारी भी पूरी कर ली गई है। पालकों की सहमति जरूरी, ऑनलाइन भी क्लास चलेगी: जारी गाइडलाइन में स्कूल खोले जाने को लेकर पालकों, स्कूल समिति और पंचायत की अनुमति केा अनिवार्य रखा गया है। हालांकि ऐसे तब भी जारी किया गया था जब प्राइमरी और बोर्ड की कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ था, तब ज्यातदार गांव में पालक स्कूल खोलने को लेकर तैयार हो गए थे और उन्होंने अपनी सहमति पत्र भी दिया था। ऐसे में इन कक्षाओं के संचालन में सहमति को लेकर पेंच नहीं फंसेगा।

जल्द पटरी पर लौटेगी पढ़ाई, स्टूडेंट्स में उत्साह
स्कूल खोले जाने के आदेश को लेकर विद्यार्थियों में भी उत्साह का माहौल है। दसवीें व बारहवीं की कक्षाएं शुरू होने के बाद दूसरी कक्षाओं के विद्यार्थियों में भी इंतजार बना हुआ था, जिन्हें अब राहत मिल गई है। लंबे समय से स्कूल बंद होने की वजह से स्टूडेंट्स की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। ऑनलाइन कक्षाओं में उम्मीद के मुताबिक पढ़ाई नहीं हो पा रही थी।

अब बढ़ेगी भीड़, डिस्टेंसिंग बनाए रखने की चुनौती
शिक्षण व्यवस्था को पटरी में लाने के लिए स्कूल तो खोले जा रहे हैं, लेकिन अब स्कूलों में सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती साबित होगा। दरअसल अब तक हाईस्कूल व हायर सेंडकरी की दो कक्षाएं ही संचालित हो रही थी। जिसमें रोजाना 50 फीसदी बच्चे ही शामिल हो रहे थे। वहीं मीडिल में केवल एक ही कक्षा आठवीं संचालित हो रही थी।

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