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CG : हर पात्र परिवार तक सौर ऊर्जा, हर श्रमिक तक शासन की योजनाओं का लाभ…

CG : हर पात्र परिवार तक सौर ऊर्जा, हर श्रमिक तक शासन की योजनाओं का लाभ…

CG : हर पात्र परिवार तक सौर ऊर्जा, हर श्रमिक तक शासन की योजनाओं का लाभ…

सौर ऊर्जा के विस्तार के साथ सोलर दीदियों को मिलेगा रोजगार और स्वरोजगार का अवसर

धमतरी । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के यूएलए मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन, सौर ऊर्जा के विस्तार तथा श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, पात्र हितग्राहियों की पहचान, लक्ष्यपूर्ति तथा समयबद्ध कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक जिला पंचायत के सभागार में हुई ।

कम आय वाले परिवारों तक पहुंचेगी सौर ऊर्जा की सुविधा

सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा ने पीएम सूर्य घर योजना के यूएलए मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि यह मॉडल विशेष रूप से कम आय वाले परिवारों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के ऐसे परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो शुरुआती लागत अधिक होने के कारण अपने घरों पर सोलर पैनल स्थापित नहीं करा पा रहे हैं। यूएलए मॉडल के माध्यम से ऐसे पात्र परिवारों तक सौर ऊर्जा की सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार केवल बिजली की बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और परिवारों के ऊर्जा व्यय में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही ऊर्जा के प्रति आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत होगी।


योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के चारों जनपद पंचायतों को 500-500 आवासों का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही प्रत्येक जनपद पंचायत को 05-05 ग्राम पंचायतों की सूची तैयार कर पात्र एवं इच्छुक परिवारों की पहचान करने, योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोलर दीदियों को मिलेगा रोजगार और स्वरोजगार का अवसर

बैठक में सोलर दीदियों को सब-वेंडर के रूप में पंजीकृत कर स्थानीय स्तर पर कार्य उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य संबंधित कार्यों में भी प्रशिक्षित सोलर दीदियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उनके कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। पंचायतों से आवश्यक समन्वय एवं सहयोग लेकर सोलर दीदियों को स्थानीय स्तर पर कार्य उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।

सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि महिलाओं को तकनीकी कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम है।

श्रमिक पंजीयन के लिए सितंबर में चलेगा विशेष अभियान

बैठक में श्रमिकों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए चालू माह में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिले की सभी जनपद पंचायतों में क्लस्टरवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संबंधित जनपद पंचायत सीईओ एवं कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र श्रमिकों को आवेदन एवं पंजीयन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें।

अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव अथवा आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण कोई भी पात्र श्रमिक शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। क्लस्टर नोडल अधिकारी श्रमिकों से संपर्क कर उन्हें योजनाओं की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करने तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे।

41 विशेष शिविरों में मिलेगी आवेदन की सुविधा

श्रमिकों की सुविधा के लिए श्रम विभाग द्वारा जिले में 41 विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में संबंधित क्लस्टर के नोडल अधिकारी, श्रम विभाग के कर्मचारी तथा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। शिविरों के माध्यम से श्रमिकों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, आवेदन एवं पंजीयन संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

श्रम विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शिविर में उपस्थित होते समय आधार कार्ड, श्रम कार्ड तथा स्वयं के नाम से पंजीकृत मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से साथ लाएं। आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। आवेदन प्रक्रिया के लिए शासन द्वारा 20 रुपये का निर्धारित शुल्क रखा गया है।


सीईओ जिला पंचायत ने अधिकारियों को दोनों अभियानों को जनभागीदारी, विभागीय समन्वय और सतत मैदानी निगरानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब पात्र परिवारों और श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी और लाभ समय पर पहुंचे। इसके लिए पंचायत स्तर तक प्रभावी प्रचार-प्रसार, नियमित मॉनिटरिंग और लक्ष्य आधारित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

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