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राजनांदगांव : अवैध रूप से बेची गई जमीन के पट्टे निरस्त, फिर बनेगा चारागाह…

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राजनांदगांव , जिले के घुमका तहसील अंतर्गत ग्राम डुड़िया के ग्रामीणों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से शासकीय पट्टे की जमीनों के अवैध विक्रय के खिलाफ संघर्ष कर रहे ग्रामीणों और आवेदक यंदूराम साहू की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कलेक्टर न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शासकीय पट्टे की जमीनों को बिना सक्षम अधिकारी (कलेक्टर) की पूर्वानुमति के बेचने के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए उमाबाई और अन्य पट्टाधारियों के पट्टे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 158 (3) और धारा 165 (7ख) के उल्लंघन के तहत इन जमीनों को पुन: वर्ष 1981-82 से पूर्व की स्थिति में लाते हुए ””शासकीय घास भूमि (चराई)”” के रूप में दर्ज करने का आदेश बुधवार को पारित किया गया है। शिकायत के बाद न्यायालय ने सभी पट्टाधारियों और खरीदारों को अपना पक्ष रखने तथा दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया था। हालांकि, जांच के दौरान और अंतिम आदेश लिखे जाने तक कोई भी पक्ष कलेक्टर की पूर्वानुमति से संबंधित वैधानिक दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

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