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राजनांदगांव : ‘हुनर की क्लास’: फोर्स हटने से पहले युवाओं को देंगे रोजगार की ट्रेनिंग …

CG: Another murder incident in Mandir

राजनांदगांव l राजनांदगांव वनांचल में मौजूद पुलिस के अस्थाई बेस कैंप जल्द ही रोजगार ट्रेनिंग सेंटर में बदलेंगे। यहां वनांचल के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवा इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, कारपेंटर से लेकर दर्जनभर से अधिक कामों का हुनर सीखेंगे। दरअसल वनांचल क्षेत्र में नक्सलवाद खत्म हो गया है। अब यहां तैनात किए गए केंद्रीय व राज्य स्तर के बलों की भी धीरे -धीरे मैदानी क्षेत्र में वापसी होगी। इसके पहले ही बेस कैंपों में रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारी भी शुरु कर दी है। सामान्य प्रशासन भी मदद ली जा रही है। जल्द ही पूरी योजना की रुपरेखा तैयार होगी। जिसे अलग-अलग चरण में पूरे वनांचल क्षेत्र में लागू किया जाएगा। सिर्फ बेस कैंप वाले हिस्से ही नहीं बल्कि अब तक नक्सल खौफ की वजह से विकास से दूर रहे गांवों का भी सेक्टर बनाकर स्किल डेव्हलपमेंट प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसकी पूरी रुपरेखा तैयार की जा रही है। ब्लाक मुख्यालयों से कटे ऐसे गांवों का क्लस्टर बनाने की भी तैयारी जारी है। ट्रेनिंग देने के लिए कौशल विकास केंद्र खोलने की तैयारी चल रही ^ नक्सल प्रभाव में रहे क्षेत्र में युवाओं को रोजगार से जोड़ने और प्रशिक्षण देने के लिए कौशल विकास केंद्र खोला जाना है। तैयारी है कि बेस कैंपों के माध्यम से यह सुविधा शुरू की जाए। इस पर तैयारी जारी है। -अजय यादव, आईजी, राजनांदगांव रेंज

स्किल डेवलपमेंट: बेस कैंपों में बनने वाले रोजगार प्रशिक्षण केंद्र में ज़रुरत के मुताबिक 12 से अधिक ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे प्रशिक्षित होकर युवा स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे। कम्प्युटर शिक्षा: नक्सल प्रभावित रहे ज्यादातर हिस्से में अब भी कम्प्युटर शिक्षा और इंटरनेट की कमी हैं। इन गांवों में क्लस्टर बनाकर कम्प्युटर और इंटरनेट की शिक्षा दी जाएगी। भर्ती प्रशिक्षण: जब तक बेस कैंप में जवानों की मौजूदगी रहेगी, क्षेत्र के युवाओं को सेना, अग्रवीर और पुलिस भर्ती के लिए भी तैयार किया जाएगा। इसकी ट्रेनिंग बाकायदा प्रशिक्षित अफसरों के माध्यम से होगी। प्रतियोगी परीक्षा: आमतौर पर वनांचल के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए बेहतर सुविधा नहीं मिल पाती। वनांचल क्षेत्र में ऐसे सेंटर्स भी नहीं होते जो उन्हें बारीकी से प्रशिक्षण दें। इन प्रोग्राम के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा के लिए युवाओं को भी तैयार किए जाएंगे।

नक्सलवादी विचारधारा को खत्म करने में भी मिलेगी बड़ी मदद पुलिस ने नक्सलियों को तो खत्म कर दिया है। लेकिन इसकी विचारधारा का दोबारा फैलने की आशंका बची हुई है। इसी गैप को खत्म करने के लिए वनांचल के युवाओं को सीधे स्वरोजगार, प्रतियो​गी परीक्षा की तैयारी सहित शिक्षा को लेकर मैदानी इलाकों में मिलने वाली सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी की गई है। ऐसी सुविधाएं अब ग्रामीण इलाकों में ही उपलब्ध कराने की तैयारी है। ताकि युवा अब मुख्य धारा से हटे नहीं।

अविभाजित जिले में कुल 18 बेस कैंप हैं, कवर्धा भी होगा शामिल मौजूदा समय में वनांचल में अविभाजित राजनांदगांव में 18 बेस कैंप हैं। जिसमें कौशल विकास केंद्र शुरु करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा कवर्धा के भी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र के बेस कैंपों में यही सुविधा शुरू की जा रही है। इन बेस कैंपों के तहत 45 से अधिक गांवों में सुरक्षा की कमान फोर्स संभालती रही है। क्लस्टर भी कई गांवों को शामिल किया जाएगा। यहां के युवाओं की संख्या व आयु वर्ग की भी डिटेल ली जाएगी।

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