राजनांदगांव l भूजल संकट से जूझ रहे जिले के लिए बड़ी राहत की खबर है। जिले के तीन ब्लाक राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और डोंगरगांव को जलसंकट के क्रिटिकल जोन से बाहर कर दिया गया है। अब तीनों की ब्लाक सेफ जोन में आ गए हैं।
यह रिपोर्ट केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने जारी है। 2024 में जारी रिपोर्ट में राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और डोंगरगांव ब्लाक को क्रिटिकल जोन में शामिल किया गया था। तीनों ही ब्लाक में भूजल का दोहन बढ़ गया था। जिससे गंभीर जलसंकट की स्थिति निर्मित होने लगी थी। रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने महिला समूहों की मदद से जल संरक्षण के लिए अभियान चलाया। करीब 400 गांवों में महिलाओं ने मोर गांव मोर पानी अभियान चलाकर मिट्टी के बंधान, तालाबों को दुरुस्त करने, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से लेकर पानी बचाने के लिए अलग-अलग उपाय किए। इसके बाद सर्वे और जारी रिपोर्ट में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने जिले के तीनों ब्लाक को सेफ जोन में शामिल कर दिया है।
तीनों ब्लाक में ऐसी रही भूजल दोहन की स्थिति 2024 में जारी हुए रिपोर्ट के मुताबिक भू जल दोहन की स्थिति राजनांदगांव में 78 %, डोंगरगढ़ ब्लाक में 78.17 % और डोंगरगांव ब्लाक में सबसे अधिक 79.22% थी। इसके बाद प्रशासन से रबी सीजन में धान की फसल नहीं लेने जैसे अभियान भी चलाए। नई रिपोर्ट में नांदगांव में दोहन 61 %, डोंगरगढ़ में 68 % और डोंगरगांव में 64 % पर आ गया है। 70 % से अधिक भू जल दोहन वाले ब्लाक को क्रिटिकल जोन में रखा जाता हैँ। ऐसे में अब तीनों ही ब्लाक सेफ जोन में आ गए हैं।

