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राजनांदगांव : दंत विभाग में एक्स-रे मशीन नहीं, लैपटॉप से चल रहा काम…

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राजनांदगांव जिला अस्पताल में बारिश के दौरान पानी भरने के कारण यहां सीटी स्कैन मशीन जुलाई 2024 दो सालों से बंद पड़ी है। मरीजों को मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा। लेकिन वहां रोज 700 की ओपीडी, भर्ती मरीजों का लोड ज्यादा होने से लंबी वेटिंग रहती है। मरीजों को सप्ताहभर बाद की तारीखें दी जाती है। हादसों में घायल, ऑपरेशन कराने वालों को परेशान होना पड़ रहा।

मजबूरी में पैसे खर्च कर निजी अस्पतालों में सिटी स्कैन कराने के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। दूसरी समस्या जिला अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन करीब 10 साल पुरानी हो चुकी है। विगत दिनों यहां पानी भरने और सीपेज के कारण बंद पड़ गई थी। इसे वैक्यूम क्लीनर्स से सूखाने के बाद शुरू किया गया। इस कारण एक दिन यह सेवा बंद रही। बार-बार एक्स-रे करने से यह मशीन गर्म होकर बंद होने की शिकायत सामने आ रही।

रोज 30 से ज्यादा और माह में औसत 1 हजार से ज्यादा एक्स-रे होते हैं। विगत दस सालों में यह 10 लाख से ज्यादा फिल्म, रिपोर्ट देने की बात सामने आई है। लालबाग निवासी गौरव सिंह, मनोहर यादव, डोमेन्द्र कुमार ने बताया उनका एक्स-रे किया और 20 मिनट बाद रिपोर्ट दी गई है। पांच बेड की कीमो थैरेपी यूनिट और मैमोग्राफी सुविधा की घोषणा के बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं किया गया है।

मशीन पुरानी होने से गलत रिपोर्ट मिलने की आशंका इंजीनियरों की मानें तो नियम अनुसार इतने ज्यादा उपयोग के बाद मशीन को कंडम घोषित करना होता है। लेकिन इसी मशीन से जैसे तैसे काम चल रहा है। अगर यह मशीन अचानक बंद पड़ गई तो मरीजों को भटकना पड़ेगा। मशीन पुरानी होने के साथ इसके रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है। इलाज और ऑपरेशन में समस्या आती है।

जिला अस्पताल के दंत विभाग में लंबे समय से एक्स-रे मशीन की सुविधा नहीं है। लेकिन डेंटिस्ट मोबाइल और लैपटॉप को कनेक्ट कर वैकल्पिक इंतजाम से एक्स-रे कर पाते है। सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने यह वैकल्पिक इंतजाम कराया है। पहले कई मरीजों को दूसरे अस्पतालों में 500 रुपए खर्च करने पड़ते थे। आपराधिक मामले में पेशी के लिए वीसी रूम बना है लेकिन दूसरी तरफ तकनीकी समस्या से डॉक्टर व्यस्त होते हैं। सोनोग्राफी कराने महिलाओं को 10 दिन बाद की तारीखें मिल रही हैं।

बंद व खराब पड़ी मशीनों की जानकारी मंगाई गई है सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद का कहना है मेडिकल मशीनरी और उपकरणों का मेंटेनेंस किया जाता है। सीजी एमएमसी के इंजीनियरों से संपर्क रहता है, अभी एक्स-रे मशीन सही काम कर रही है। अन्य विभागों से बंद व खराब मशीनों की जानकारी मंगाई है।

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