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CG : गुणवत्ता की पोल खुली, पहली बारिश में उखड़ गई सड़क …

CG : गुणवत्ता की पोल खुली, पहली बारिश में उखड़ गई सड़क …

CG : गुणवत्ता की पोल खुली, पहली बारिश में उखड़ गई सड़क …

छुईखदान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई -नर्मदा-लोहारा-कवर्ध ा मुख्य मार्ग की बदहाली अब आम जनता के लिए परेशानी नहीं, बल्कि जान का खतरा बनती जा रही है। करीब एक वर्ष से सड़क की व्यवस्थित मरम्मत नहीं होने के कारण मार्ग जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। पिपरिया से ढिमरीन कुआं, छुईखदान से गंडई और आगे कवर्धा तक सड़क की हालत बेहद खराब है। जलभराव, अतिक्रमण और भारी वाहनों के कारण यातायात लगातार प्रभावित हो रहा है। सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से दिनभर धूल के गुबार उड़ते हैं और रात में धूल के कारण धुंध जैसा माहौल बन जाता है। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ने के साथ सड़क किनारे रहने वाले लोगों, व्यापारियों, बाइक चालकों एवं पैदल यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। धूल के कारण आंखों और सांस संबंधी परेशानी भी बढ़ रही है। इतनी महत्वपूर्ण सड़क की बदहाली के बावजूद राज्य प्रशासन, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस मार्ग पर डामरीकरण-मरम्मत का कार्य कराया गया था, लेकिन एक बारिश के बाद ही कई स्थानों पर डामरीकरण की पूरी परत उखड़ गई और पुरानी सड़क फिर सामने आ गई। यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब थी तो इसकी जांच क्यों नहीं हुई? संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी भी अब सवालों के घेरे में है। जनता मांग कर रही है कि पूर्व में हुए सड़क निर्माण एवं डामरीकरण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर सहित पीडब्ल्यूडी के बड़े अधिकारी और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी भी रोज इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की बदहाली और इससे जनता को हो रही परेशानी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों को यह बदहाल सड़क दिखाई नहीं दे रही है, या फिर प्रशासन किसी बड़े आंदोलन का इंतजार कर रहा है। क्षेत्र के नेताओं द्वारा भी सड़क की बदहाली व जनता की समस्याओं से प्रशासन को लगातार अवगत कराया जा रहा है तथा तत्काल मरम्मत व स्थायी समाधान की मांग की जा रही है। इसके बावजूद इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं होना प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।

लोक निर्माण विभाग छुईखदान के एसडीओ रतेंद्र गगपाल ने कहा कि इस रोड के लिए एक बार टेंडर लग चुका है, दोबारा और लगाया जा रहा है, बाकी जानकारी खैरागढ़ से ही मिल पाएगी।

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