▪️ CEIR पोर्टल एवं तकनीकी संसाधनों के माध्यम से गुम मोबाइल की लगातार पतासाजी कर विभिन्न जिलों एवं राज्यों से 201 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
▪️ बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये है, जिन्हें सत्यापन के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत वापस किया जा रहा है।
▪️ वर्ष 2026 में मोबाइल बरामदगी एवं वितरण की यह छठवीं कार्रवाई है, जबकि अब तक 1200 से अधिक गुम मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं।
▪️ दुर्ग पुलिस की टीम ने तकनीकी जानकारी, IMEI एवं CEIR पोर्टल के आधार पर लगातार फॉलोअप करते हुए अन्य जिलों और राज्यों तक पहुंचकर मोबाइल बरामद किए।
मुख्य बिंदु
दुर्ग (मनीष त्रिपाठी पत्रकार )पुलिस द्वारा नागरिकों के गुम हुए मोबाइल फोन को केवल रिकॉर्ड तक सीमित न रखते हुए उनकी तकनीकी पतासाजी कर वास्तविक स्वामियों तक वापस पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा 201 मोबाइल फोन बरामद कर संबंधित नागरिकों को वापस किए जा रहे हैं।
संक्षिप्त विवरण
जिले के विभिन्न थानों में नागरिकों द्वारा मोबाइल फोन गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गुम मोबाइल की पतासाजी के लिए CEIR पोर्टल पर उपलब्ध IMEI एवं तकनीकी जानकारी का उपयोग किया गया।
इस कार्रवाई के दौरान एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम द्वारा लगातार तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल उपयोग की जानकारी का सत्यापन एवं संबंधित स्थानों पर फॉलोअप करते हुए दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा एवं रायपुर सहित मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार तथा अन्य राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 201 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये है। मोबाइल फोन के IMEI एवं अन्य आवश्यक विवरण का सत्यापन कर वास्तविक स्वामियों की पहचान की जा रही है तथा सत्यापन पूर्ण होने के बाद उन्हें विधिवत मोबाइल वापस किए जा रहे हैं।
वर्ष 2026 में गुम मोबाइल बरामदगी एवं वितरण की यह छठवीं कार्रवाई है। वर्ष 2026 में CEIR पोर्टल के माध्यम से अब तक 1200 से अधिक गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं।
यह कार्रवाई केवल मोबाइल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों द्वारा पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायतों पर लगातार तकनीकी कार्यवाही, फॉलोअप एवं समन्वय के माध्यम से उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने के उद्देश्य से की जा रही है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
यह कार्रवाई अपराध संबंधी नहीं होकर गुम मोबाइल फोन की पतासाजी एवं बरामदगी से संबंधित है। CEIR पोर्टल पर दर्ज IMEI एवं उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर मोबाइल फोन के सक्रिय होने पर उसकी पतासाजी की गई और संबंधित स्थानों से मोबाइल बरामद किए गए।
घटना स्थल
लागू नहीं। मोबाइल फोन विभिन्न स्थानों पर गुम हुए थे तथा उनकी तकनीकी पतासाजी के आधार पर अलग-अलग जिलों एवं राज्यों से बरामदगी की गई।
201 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, कुल अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, दुर्ग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम द्वारा CEIR पोर्टल पर दर्ज मोबाइलों के IMEI नंबर का तकनीकी विश्लेषण कर लगातार पतासाजी की गई तथा विभिन्न जिलों एवं अन्य राज्यों में संबंधित मोबाइलों के संबंध में फॉलोअप करते हुए उनकी बरामदगी सुनिश्चित की गई।
इस कार्रवाई में पुलिस टीम द्वारा प्राप्त तकनीकी जानकारी पर लगातार कार्य करते हुए मोबाइलों की पहचान, सत्यापन एवं बरामदगी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नागरिकों की गुम हुई संपत्ति उन्हें वापस मिल रही है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल फोन गुम होने पर पुलिस को सूचना देने के साथ CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर दर्ज कराएं। मोबाइल फोन मिलने की स्थिति में उसे अपने पास रखने अथवा उसका अनुचित उपयोग करने के बजाय पुलिस को सौंपना नागरिक दायित्व है।
पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग ही प्रभावी सोशल पुलिसिंग की आधारशिला है। नागरिक अपनी शिकायतों एवं सूचनाओं के माध्यम से पुलिस का सहयोग करें और पुलिस भी उपलब्ध तकनीकी संसाधनों एवं मैदानी कार्रवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
बरामद मोबाइल फोन के IMEI नंबरों की सूची दुर्ग पुलिस के अधिकृत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी की जाएगी। सूची में अपने मोबाइल का IMEI नंबर मिलने पर संबंधित मोबाइल स्वामी आवश्यक पहचान एवं दस्तावेजों के साथ एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट कार्यालय, सेक्टर-03, भिलाई में संपर्क कर सकते हैं।
दुर्ग पुलिस — नागरिकों की सुरक्षा के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध।

