राजनांदगांव | बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड अपडेट करने, उपभोक्ता की पहचान पक्की करने के लिए 1 सितंबर से शुरू ई-केवाइसी की रफ्तार अभी धीमी है। 10 दिन में सिर्फ 1213 उपभोक्ताओं ने ई-केवाइसी कराई है। अब तक ई-केवाइसी कराने वालों में ज्यादातर ने मोर बिजली एप से मोबाइल पर प्रक्रिया पूरी की है। रोज औसतन करीब 10 उपभोक्ता बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंच रहे हैं। ई-केवाइसी की जानकारी ले रहे हैं। अफसर उन्हें प्रक्रिया समझा रहे हैं।
ई-केवाइसी से यह सत्यापित होगा कि बिजली कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम दर्ज है, वह वास्तविक और वैध उपभोक्ता है या नहीं। यह भी पता चलेगा कि फिलहाल कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है। इससे ऐसे कनेक्शन सामने आएंगे, जिनमें उपभोक्ता की जानकारी अपडेट नहीं है। उपभोक्ता की मृत्यु के बाद भी कनेक्शन पुराने नाम पर दर्ज है। कनेक्शन का उपयोग अनधिकृत रूप से हो रहा है। तीन जिले के 6.83 लाख कनेक्शनों का डिजिटल सत्यापन होना है। रीडरों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
पोल और केबल शिफ्टिंग का काम अंतिम चरण में: गणेश पर्व को लेकर बिजली कंपनी के अफसर और कर्मचारी शहर में पोल और केबल शिफ्टिंग में जुटे है। कंपनी के अनुसार यह काम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस पर करीब 25 लाख रुपए खर्च होंगे। पर्व के दौरान झांकियों, जुलूस और अन्य आयोजनों के रास्ते में बिजली व्यवस्था से जुड़ी बाधा न आए, इसे ध्यान में रखते हुए जरूरी पोल और केबल को व्यवस्थित किया जा रहा है।
उपभोक्ता तीन माध्यम से करा सकते हैं ई-केवाइसीरू ईई गुरुदयाल सिंह फ्लोरा ने बताया मोर बिजली मोबाइल एप से घर बैठे ऑनलाइन ई-केवाइसी, नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में कर सकते है। मीटर रीडर एप से ई-केवाइसी करेंगे। आधार ऑथेंटिकेशन, ओटीपी, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प रहेगा। प्रक्रिया नि: शुल्क है। हेल्प डेस्क बने है। लोगों को जागरुक कर रहें है। राजनांदगांव जिले में 294638 बिजली कनेक्शन है।

