डोंगरगांव , गणेशोत्सव एवं गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं मर्यादित तरीके से संपन्न कराने को लेकर शनिवार को नगर पालिका सभागार में प्रशासन, पुलिस एवं गणेशोत्सव समितियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि धार्मिक आयोजन की आड़ में हुड़दंग, शराबखोरी, फूहड़ता और तेज आवाज में डीजे बजाने की मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पहली बार नागरिकों की ओर से दिनेश गांधी एवं नरेंद्र साहू ने गणेश विसर्जन के दौरान डीजे को फुल साउंड में बजाने तथा देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
उन्होंने कहा कि डीजे में कई बार फूहड़ एवं अशोभनीय गाने बजाए जाते हैं, जिससे धार्मिक आयोजन की गरिमा प्रभावित होती है। नागरिकों ने ऐसे गानों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ लोग शराब के नशे में हुड़दंग करते हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी होती है और धार्मिक आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं। बैठक में पुलिस ने साफ कर दिया कि इस बार गणेश विसर्जन के दौरान देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी।
विसर्जन का कार्यक्रम रात 11 बजे तक पूरा करने के निर्देश उन्होंने गणेशोत्सव समितियों को निर्देश दिए कि विसर्जन का पूरा कार्यक्रम रात 11 बजे तक अनिवार्य रूप से संपादित कर लिया जाए। उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का सभी को पालन करना होगा। एसडीओपी मंजूलता बाज ने बैठक में दो टूक कहा कि विसर्जन जुलूस के दौरान यदि किसी प्रकार का उपद्रव या अव्यवस्था होती है तो पहली नजर में संबंधित गणेशोत्सव समिति की जिम्मेदारी तय की जाएगी। समितियों को अपने जुलूस एवं सदस्यों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में शराब पीकर पहुंचे तो जांच के बाद होगी कार्रवाई विसर्जन के दौरान शराब पीकर हुड़दंग करने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। ऐसे लोगों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच तथा आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल जांच कराई जाएगी। शराब के नशे में धार्मिक आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा विसर्जन कार्यक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि नियम तोड़ने, उपद्रव करने अथवा अशांति फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

