छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। स्कूल परिसर में लगा लोहे का गेट गिरने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने गेट की मरम्मत और रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाया है।भौगोलिक संदर्भ हादसा उस समय हुआ जब बच्चा स्कूल परिसर में मौजूद था। अचानक गेट गिरने से वह उसकी चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते गेट की मरम्मत करा दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, ऐसे में जर्जर ढांचे और उपकरणों की नियमित जांच जरूरी है।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मामले की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है। इस हादसे ने एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल भवन, गेट, दीवार और अन्य संरचनाओं की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। प्रशासन की ओर से स्कूलों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए जाने की संभावना है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

