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CG : सरस्वती साइकिल योजना की साइकिलों पर उठे सवाल कई में मिली खराबी …

CG : सरस्वती साइकिल योजना की साइकिलों पर उठे सवाल कई में मिली खराबी …

CG : सरस्वती साइकिल योजना की साइकिलों पर उठे सवाल कई में मिली खराबी …

बेमेतरा। जिले के सिंघोरी स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में 62 छात्राओं को साइकिलें बांटी गई थीं, लेकिन वितरण के बाद जांच में कई साइकिलों में खराबी सामने आई। बताया जा रहा है कि कुछ साइकिलों के पैडल, घंटी, सीट और कैरियर टूटे हुए मिले, जबकि कई साइकिलों के टायरों में हवा तक नहीं थी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने नाराजगी जताई है।

वितरण के बाद सामने आई साइकिलों की खराब स्थिति सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि दूरी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन सिंघोरी स्कूल में वितरण के बाद जब साइकिलों की स्थिति देखी गई तो कई खामियां सामने आईं। कुछ साइकिलों के टायर में हवा नहीं थी, वहीं कुछ में हवा भरने वाला वाल्व भी गायब मिला। इसके अलावा कई साइकिलों की घंटी, सीट और पैडल टूटे हुए पाए गए। सामान रखने के लिए लगाए गए कैरियर भी खराब स्थिति में मिले।

छात्राओं ने जताई परेशानी साइकिल मिलने के बाद छात्राओं ने भी इसकी गुणवत्ता को लेकर शिकायत की। उनका कहना है कि खराब पैडल, टायर में हवा नहीं होने और साइकिल के हिलने की वजह से उन्हें चलाने में परेशानी हो रही है। छात्राओं ने मांग की है कि साइकिलों की दोबारा जांच कर खराब हिस्सों को ठीक कराया जाए, ताकि उन्हें योजना का वास्तविक लाभ मिल सके। DEO ने जताई नाराजगी मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अभय जायसवाल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि खराब साइकिलों को स्कूल प्रबंधन ने प्राप्त करते समय हैंडओवर क्यों लिया। DEO ने कहा कि शासन से मिलने वाली सामग्री को स्वीकार करने से पहले उसका भौतिक सत्यापन किया जाना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में स्कूल प्राचार्य की जिम्मेदारी तय की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

प्राचार्य ने दी सफाई स्कूल के प्राचार्य संजय प्रसाद पयासी ने बताया कि शासन की ओर से प्राप्त साइकिलों का ही वितरण किया गया है। उन्होंने माना कि कुछ साइकिलों में गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आई है। प्राचार्य ने कहा कि खराब साइकिलों की रिपेयरिंग कराकर उन्हें छात्राओं के उपयोग के योग्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक सुधार कराया जाएगा। विधायक ने बताई योजना की अहमियत

विधायक दीपेश साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिल वितरण की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल तक पहुंचने में सुविधा देना और उनकी शिक्षा को लगातार जारी रखने में मदद करना है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में पात्र छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उन्हें आवागमन में सुविधा मिल सके। गुणवत्ता जांच पर उठे सवाल सरकारी योजनाओं के तहत वितरित सामग्री की गुणवत्ता को लेकर यह मामला सामने आने के बाद अब सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि छात्राओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। खराब साइकिलों को लेकर जांच और आवश्यक कार्रवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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